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मथुरा: वृंदावन के वात्सल्य ग्राम में गूंजी शहनाई, इंदौर से बरात आई, पालने में आई बेटी पालकी में हुई विदा
Sun, 20 Feb 2022 08:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 08:14 PM IST
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वात्सल्य ग्राम में दुल्हन बनी रिचा
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के वृंदावन का वात्सल्य ग्राम में रविवार को शहनाई गूंजी और इंदौर से आई बरात का स्वागत सत्कार किया गया। हर रस्म पूरी कर देर शाम जब पालकी से रिचा की विदाई हुई तो हर आंख नम हो गई। वात्सल्य ग्राम में हर पल खून के रिश्तों पर भाव के संबंध भारी पड़ते दिखाई दिए।
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वात्सल्य ग्राम की बेटी रिचा के खून के रिश्तों का तो पता नहीं, लेकिन भाव संबंधों में गुम्फित यशोदा मां सुमन परमानंद के लाड-प्यार ने उसे कभी किसी बात की कमी महसूस नहीं होने दी। वहीं, धर्म पिता संजय भैया (गुप्ता) ने भी पढ़ा-लिखाकर सुयोग बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। विवाह योग्य होने पर इंदौर के राजेंद्र चौहान के पुत्र अर्पित से रिश्ता तय हो गया।
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रविवार की शाम इंदौर से वात्सल्य ग्राम बारात आई और भारतीय संस्कृति के अनुरूप हिंदू रीति-रिवाजों से सभी कार्य विधिवत संपन्न हुए। मेहंदी, हल्दी, लग्न पत्रिका लेखन के बाद दीदी मां साध्वी ऋतंभरा के कृपा पात्र ननिहाल पक्ष के भाव संबंधों में सूरत (गुजरात) से लक्ष्मी एवं नानालाल शाह नाना-नानी, एवं रेखा, राजू भाई शाह ने मामी-मामा की भूमिका में भात पहनाने की रस्म अदा की।
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बारात भी धूमधाम से चढ़ी, जय माल के बाद आचार्य विष्णुकांत ने वैदिक मंत्रों द्वारा विधिविधान से विवाह संपन्न कराया। देर शाम अग्नि को साक्षी मानकर रिचा ने अर्पित के साथ सात फेरे लिए और गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। इस अवसर पर देशभर से आए संतों, महंतों और गणमान्य लोगों ने नवयुगल को आशीर्वाद दिया। बाद में रिचा को दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने अपने आशीर्वाद देकर विदा किया।