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मथुरा: बगीचे में विराजे राजाधिराज, भक्तों संग खेली होली
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मथुरा। ब्रज के मंदिरों में होली का आनंद बरस रहा है। यहां भक्त अपने आराध्य के होली के दर्शन कर कृतार्थ हो रहे हैं। शुक्रवार को पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज ने बगीचे में विराजमान होकर भक्तों संग होली खेली। मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। भक्तों ने भी ठाकुजी के दर्शन कर कृतार्थ हुए।
राजाधिराज को होली खिलाने के लिए पुजारियों ने मंदिर में बगीचा सजाया। बगीचे में हरे, लाल, नीले, पीले रंग के गुलाल और टेसू के रंगों के फूलों का प्रयोग हुआ। दोपहर 1:30 बजे से ठाकुरजी ने गुलाब जल और फूलों के रंगों से भक्तों संग होली खेली। बाग में विराजे ठाकुर जी को श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। मंदिर पुजारी श्रद्धालुओं पर रंग डाल रहे थे और भक्त भी अपने आराध्य के प्रसाद को ग्रहण कर अभिभूत हुए।
ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के चुन्नीलाल चतुर्वेदी आदि ने ढप की थाप पर आज बिरज में होरी रे रसिया..., आज होरी खेलन चलौ बरसाने को...आदि पद और होली गीत गाकर ठाकुरजी को रिझाया। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि आज ठाकुरजी बगीचा में विराजमान होकर होली खेलते हैं और भावनात्मक रूप से चौवा, चंदन बरसाए जाते हैं। यह क्रम निरंतर जारी रहेगा और 28 मार्च को सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक ढोल महोत्सव के दर्शन होंगे। इसके बाद सभी सेवा मंदिर के अंदर ही अंदर होगी। आम भक्तों के लिए मंदिर के दर्शन नहीं खुलेंगे। 29 मार्च को भक्तों को दर्शनों का लाभ होगा। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 60 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष से कम के बच्चों को मंदिर में प्रवेश नहीं होगा।
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मंदिर में बरस रहा होली का आनंद
राजाधिराज के आंगन में बरस रहे होली के आनंद को लूटने के लिए श्रद्धालु भक्त भी पीछे नहीं रहे। मंदिर में गुलाल और रंग से सराबोर हो श्रद्धालु अपने को धन्य मान रहे थे। मंदिर प्रांगण द्वारिकाधीश के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।
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राजाधिराज को होली खिलाने के लिए पुजारियों ने मंदिर में बगीचा सजाया। बगीचे में हरे, लाल, नीले, पीले रंग के गुलाल और टेसू के रंगों के फूलों का प्रयोग हुआ। दोपहर 1:30 बजे से ठाकुरजी ने गुलाब जल और फूलों के रंगों से भक्तों संग होली खेली। बाग में विराजे ठाकुर जी को श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। मंदिर पुजारी श्रद्धालुओं पर रंग डाल रहे थे और भक्त भी अपने आराध्य के प्रसाद को ग्रहण कर अभिभूत हुए।
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ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के चुन्नीलाल चतुर्वेदी आदि ने ढप की थाप पर आज बिरज में होरी रे रसिया..., आज होरी खेलन चलौ बरसाने को...आदि पद और होली गीत गाकर ठाकुरजी को रिझाया। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि आज ठाकुरजी बगीचा में विराजमान होकर होली खेलते हैं और भावनात्मक रूप से चौवा, चंदन बरसाए जाते हैं। यह क्रम निरंतर जारी रहेगा और 28 मार्च को सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक ढोल महोत्सव के दर्शन होंगे। इसके बाद सभी सेवा मंदिर के अंदर ही अंदर होगी। आम भक्तों के लिए मंदिर के दर्शन नहीं खुलेंगे। 29 मार्च को भक्तों को दर्शनों का लाभ होगा। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 60 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष से कम के बच्चों को मंदिर में प्रवेश नहीं होगा।
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मंदिर में बरस रहा होली का आनंद
राजाधिराज के आंगन में बरस रहे होली के आनंद को लूटने के लिए श्रद्धालु भक्त भी पीछे नहीं रहे। मंदिर में गुलाल और रंग से सराबोर हो श्रद्धालु अपने को धन्य मान रहे थे। मंदिर प्रांगण द्वारिकाधीश के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।