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मथुरा: राधाष्टमी: राधाजी के 5248वें जन्मोत्सव के लिए सजने लगा बरसाना
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बरसाना (मथुरा)। श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति के अवतरण दिवस की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी हैं। 14 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे राधारानी श्रीजी महल में अवतरित होंगी। इस पल का साक्षी बनने को देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालु बरसाना पहुंच रहे हैं। इस बार राधाजी का 5248वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। जन्म से पूर्व ही बरसाने की गलियों में राधे-राधे के जयकारे गूंज रहे हैं।
ब्रजाचार्य पीठाधीश्वर कृष्णाचार्य भट्ट ने बताया कि श्रीराधारानी का 5248वां जन्मोत्सव मनेगा। बरसाना में 569वां प्राकट्योत्सव होगा। श्रीजी का प्राकट्योत्सव भाद्र पक्ष की शुक्ल अष्टमी, अनुराधा नक्षत्र का मूल होगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
नारायण भट्ट को दर्शन देकर हुआ किशोरीजी का प्राकट्य
600 वर्ष पूर्व दक्षिण भारत से किशोरीजी के परम भक्त श्रीनारायण भट्ट बरसाना आए। लाडली जी ने उन्हें ब्रह्मांचल पर्वत पर होने का स्वप्न दिया। तब श्रीनारायण भट्ट ने शिष्य नारायण स्वामी के साथ किशोरी जी का ब्रह्मांचल पर्वत (श्रीजी मंदिर एवं जयपुर मंदिर के बीच स्वामी जी स्थान से) से प्राकट्य किया। उस तिथि के आंकलन से ही ब्रजवासी लाडली जी का 569वां प्राकट्योत्सव मनाएंगे।
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महोत्सव की तैयारियां अंतिम पड़ाव पर हैं। अष्ट सखियों के गांवों में भी विशेष तैयारियां चल रही हैं। लाडली जी का निज महल रंग बिरंगी लाइटों से सज धज कर तैयार है। मानगढ़ मानमंदिर, मोर कुटी, खोर साखरी, गहवरवन, दान गढ़, विलासगढ़ और कीर्ति मंदिर में राधे के जन्मोत्सव की तैयारी अंतिम पड़ाव पर हैं।
राधाजी की प्रिय सखी ललिता का जन्मोत्सव आज
राधारानी की प्रिय सखी ललिता जी का जन्मोत्सव 12 सितंबर को मनाया जाएगा। जन्मोत्सव निज महल ऊंचागांव में धूमधाम से मनेगा।
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ब्रजाचार्य पीठाधीश्वर कृष्णाचार्य भट्ट ने बताया कि श्रीराधारानी का 5248वां जन्मोत्सव मनेगा। बरसाना में 569वां प्राकट्योत्सव होगा। श्रीजी का प्राकट्योत्सव भाद्र पक्ष की शुक्ल अष्टमी, अनुराधा नक्षत्र का मूल होगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
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नारायण भट्ट को दर्शन देकर हुआ किशोरीजी का प्राकट्य
600 वर्ष पूर्व दक्षिण भारत से किशोरीजी के परम भक्त श्रीनारायण भट्ट बरसाना आए। लाडली जी ने उन्हें ब्रह्मांचल पर्वत पर होने का स्वप्न दिया। तब श्रीनारायण भट्ट ने शिष्य नारायण स्वामी के साथ किशोरी जी का ब्रह्मांचल पर्वत (श्रीजी मंदिर एवं जयपुर मंदिर के बीच स्वामी जी स्थान से) से प्राकट्य किया। उस तिथि के आंकलन से ही ब्रजवासी लाडली जी का 569वां प्राकट्योत्सव मनाएंगे।
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महोत्सव की तैयारियां अंतिम पड़ाव पर हैं। अष्ट सखियों के गांवों में भी विशेष तैयारियां चल रही हैं। लाडली जी का निज महल रंग बिरंगी लाइटों से सज धज कर तैयार है। मानगढ़ मानमंदिर, मोर कुटी, खोर साखरी, गहवरवन, दान गढ़, विलासगढ़ और कीर्ति मंदिर में राधे के जन्मोत्सव की तैयारी अंतिम पड़ाव पर हैं।
राधाजी की प्रिय सखी ललिता का जन्मोत्सव आज
राधारानी की प्रिय सखी ललिता जी का जन्मोत्सव 12 सितंबर को मनाया जाएगा। जन्मोत्सव निज महल ऊंचागांव में धूमधाम से मनेगा।