फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Mathura: Prayer to liberate Shri Krishna's birth place by donating lamps on the ghats of Yamuna

मथुरा: यमुना के घाटों पर दीपदान कर श्री कृष्ण जन्म स्थान को मुक्त कराने की प्रार्थना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 07:48 PM IST
विज्ञापन
Mathura: Prayer to liberate Shri Krishna's birth place by donating lamps on the ghats of Yamuna
मथुरा। वृंदावन के केशीघाट पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति की अगुवाई में संत-महंत, महा? - फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति की अगुवाई में केशीघाट पर रविवार की शाम संत, महंत, महामंडलेश्वर व सनातनधर्मियों ने दीपदान किया। दीपोत्सव से पहले यमुना महारानी में दीपदान कर सनातनधर्मियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान को ईदगाह के कलंक से मुक्ति की कामना की।
विज्ञापन

सुदामाकुटी के महंत सुतीक्ष्णदास ने यमुना महारानी से विनती करते हुए कहा वे श्रीकृष्ण की पटरानी हैं और द्वापरकाल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर लीलाओं की साक्षी भी हैं। भगवान श्रीकृष्ण के काल की साक्षी यमुना महारानी की साधना ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान के इस कलंक को मिटाने में सहायक साबित होंगी। राजस्थान के बीड़ से आए बाबा गोलोकदास ने कहा हम सभी सनातनधर्मियों को यमुना महारानी से प्रार्थना करनी होगी कि जल्द श्रीकृष्ण जन्मभूमि अतिक्रमण मुक्त हो। संत स्वामी डॉ. आदित्यानंद ने कहा ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के साक्षी के रूप में गिर्राज पर्वत और यमुना महारानी ही हैं, ऐसे में यमुना महारानी ही भक्तों को अतिक्रमण मुक्त श्रीकृष्ण जन्मस्थान का दर्शन करवा सकती हैं।
विज्ञापन

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के अध्यक्ष अधिवक्ता महेंद्रप्रताप सिंह ने कहा जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण ने जब कंस के कारागार में जन्म लिया, तब भी यमुना महारानी अपने रौद्र रूप में थीं। लेकिन जब वासुदेवजी भगवान को लेकर गोकुल के लिए निकले तो यमुना महारानी ने न केवल भगवान के लिए गोकुल का रास्ता बनाया। बल्कि उनकी रक्षा भी की। इसी तरह यमुना महारानी ही भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थान के कलंक को मिटाने में अपनी भूमिका निभाएंगी। यही कारण है आंदोलन से जुड़े सनातनधर्मियों व संतों ने दीपोत्सव से पहले यमुना माहरानी का दीपदान किया। जितेंद्र सिंह, अशोक प्रताप सिंह, बीबी गौतम, सौरभ गौड़ व हरिकृष्ण पाठक थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed