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मथुरा: पैरोकार को चेंबर से उठाने गई पुलिस को झेलना पड़ा वकीलों का तीखा विरोध
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मथुरा। एक पैरोकार को उठाने के लिए थाना सदर बाजार पुलिस को वकील के चेंबर पर पहुंचना भारी पड़ गया। वकीलों ने पुलिस की इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया, तब जाकर पुलिस वापस हुई। अधिवक्ताओं ने पुलिस की मनमानी की एसएसपी से की है।
शहर के बहुचर्चित तोले बाबा हत्याकांड के अधिवक्ता रमाकांत भारद्वाज के पास एक पैरोकार सतेंद्र चतुर्वेदी मंगलवार को आया था। न्यायालय परिसर में सिविल लाइन चौकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पैरोकार अधिवक्ता के चेंबर पर पहुंच गया।
चेंबर पर पहुंचने के बाद सिविल लाइन चौकी इंचार्ज प्रेम किशोर चेंबर पर पहुंच गए और सतेंद्र को ले जाने का प्रयास किया। अधिवक्ता का आरोप है कि उनके द्वारा न केवल जबरदस्ती की जा रही बल्कि चौकी इंचार्ज द्वारा उनका वीडियो भी बनाया जा रहा था। जिसे लेकर मौजूद अधिवक्तागण आक्रोशित हो गए और इसका तीखा विरोध किया।
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वकीलों को एकत्रित देखकर पुलिस को वहां से वापस जाना पड़ा। अधिवक्ता रमाकांत भारद्वाज ने बताया कि चौकी इंचार्ज गलत तरीके से चेंबर पर पहुंचकर केस के पैरोकार को गिरफ्तार करने चाहते थे, जबकि उसके खिलाफ कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं थी।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से भी मिलने गए लेकिन वह मौजूद नहीं थे। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि वादी के विरोधी उसकी तलाश कर रहे हैं, इसी कारण वादी की तलाश में चेंबर तक गए थे। जिसे लेकर अधिवक्ताओं को गलतफहमी हो गई थी।
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शहर के बहुचर्चित तोले बाबा हत्याकांड के अधिवक्ता रमाकांत भारद्वाज के पास एक पैरोकार सतेंद्र चतुर्वेदी मंगलवार को आया था। न्यायालय परिसर में सिविल लाइन चौकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पैरोकार अधिवक्ता के चेंबर पर पहुंच गया।
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चेंबर पर पहुंचने के बाद सिविल लाइन चौकी इंचार्ज प्रेम किशोर चेंबर पर पहुंच गए और सतेंद्र को ले जाने का प्रयास किया। अधिवक्ता का आरोप है कि उनके द्वारा न केवल जबरदस्ती की जा रही बल्कि चौकी इंचार्ज द्वारा उनका वीडियो भी बनाया जा रहा था। जिसे लेकर मौजूद अधिवक्तागण आक्रोशित हो गए और इसका तीखा विरोध किया।
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वकीलों को एकत्रित देखकर पुलिस को वहां से वापस जाना पड़ा। अधिवक्ता रमाकांत भारद्वाज ने बताया कि चौकी इंचार्ज गलत तरीके से चेंबर पर पहुंचकर केस के पैरोकार को गिरफ्तार करने चाहते थे, जबकि उसके खिलाफ कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं थी।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से भी मिलने गए लेकिन वह मौजूद नहीं थे। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि वादी के विरोधी उसकी तलाश कर रहे हैं, इसी कारण वादी की तलाश में चेंबर तक गए थे। जिसे लेकर अधिवक्ताओं को गलतफहमी हो गई थी।