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मथुरा: मांगलिक कार्य पर अब मकर संक्रांति तक लगेगा ब्रेक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Dec 2021 08:24 PM IST
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Mathura: Now there will be a break on Manglik work till Makar Sankranti
मथुरा। मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का होना अनिवार्य है। शुभ मुहूर्त से मांगलिक कार्य के सफल परिणाम एवं लाभ प्राप्त होने के योग ज्यादा होते हैं। इन दिनों चल रहे मांगलिक कार्यों पर अब ब्रेक लगने जा रहा है।
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दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि पंचांगों में कुछ मास ऐसे होते हैं, जिसमें मांगलिक कार्यों पर रोक होती है। उनमें चातुर्मास और खरमास शामिल हैं। इस वर्ष खरमास का प्रारंभ 16 दिसंबर से हो रहा है। खरमास में मांगलिक कार्य शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश आदि वर्जित होते हैं। खरमास का प्रारंभ सूर्य की धनु संक्रांति से होता है। इस समय सूर्य धनु राशि में रहेगा, जो मकर संक्रांति तक रहता है। धनु संक्रांति में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, इसलिए मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इस समय के मांगलिक कार्य शुभ नहीं माने जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि खरमास या मलमास का समापन मकर संक्रांति के दिन होगा। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। मकर संक्रांति को सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। अगले वर्ष 2022 में मकर संक्रांति 14 जनवरी शुक्रवार को है, ऐसे में खरमास का समापन 14 जनवरी 2022 को होगा। इस दिन मकर संक्रांति से एक बार फिर मांगलिक कार्य प्रारंभ होने लगेंगे, जिसमें फिर से विवाह, सगाई, तिलक, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा।
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हवन के साथ श्रीमद्भागवत कथा पूर्ण
डैंपियर नगर बनखंडी के पुष्पध चौक में श्रीगिरिराज मंदिर के पास एक सप्ताह से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन दिव्य हवन और भंडारे के साथ हुआ। इसमें हजारों की संख्या में भक्तजनों ने भाग लिया। श्रीगिरिराज मंदिर के महंत पंडित जय शिखर शर्मा ने बताया कि क्षेत्रवासियों के सहयोग से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य डॉ. अश्विनी कृष्ण महाराज ने भक्तिरस की वर्षा की। सभी भक्तों ने बुराई छोड़ने का संकल्प भी लिया। इस दौरान पुष्पेंद्र शर्मा, पप्पू, राजू, कान्हा, बिट्टू भैया, अर्जुन पंडित, चैतन्य शर्मा, कार्तिक, अन्वित, भरत, राजेश आदि का सहयोग रहा।
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