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मथुरा: रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले तीन दोषियों को आजीवन कारावास
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मथुरा। छाता के गांव बहरावाली मेें वर्ष २००९ में रंजिशन की गई हत्या की वारदात में अदालत ने तीन दोषियाें को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत के निर्णय के बाद तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया।
वारदात ३० मई २००९ की सुबह चार बजे की है। गांव में दयाराम की पत्नी मंजू पशुओं को चार डालने के लिए घर बाहर निकली। उसके पति घर के एक हिस्से में सो रहे थे। इसी समय गांव हरिभान पुत्र धर्म पाल, केशव पुत्र राम किशन और खिलौनी पुत्र रामजीलाल ने सोते हुए दयाराम के सिर में गोली मार कर हत्या कर दी। दयाराम की मौके पर ही मौत हो गई। मंजू ने जब चीख कर हमलावरों को ललकारा तो उनके द्वारा मंजू पर भी फायर किया गया। जिससे वह बाल-बाल बच गई।
मंजू देवी ने छाता कोतवाली में तीनों हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों अभियुक्त के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास और २५ आर्म्स एक्ट में चार्ज शीट लगा दी। तीनों को पुलिस ने जेल भेज दिया, जिन्होंने बाद में जमानत करा ली।
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केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-२ न्यायाधीश नीरू शर्मा ने की। अभियोजन की तरफ से एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने १२ गवाह परीक्षित कराए। अदालत ने केस की सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा, अभियुक्त हरिभान और केशव पर २८ हजार व खिलौनी पर २५ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने तीनों का वारंट बनाकर जेल भेज दिया। एडीजीसी ने बताया कि वारदात रंजिश के तहत की गई थी। अर्थ दंड न दिए जाने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत में पहुंचे ग्रामीण
बताया जाता है कि वारदात के पीछे कोई चुनावी रंजिश भी थी। जिसके चलते निर्णय की जानकारी लगते ही सैकड़ों ग्रामीण अदालत तक पहुंच गए। जिन्हें पुलिस के माध्यम से बाहर कराया गया।
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वारदात ३० मई २००९ की सुबह चार बजे की है। गांव में दयाराम की पत्नी मंजू पशुओं को चार डालने के लिए घर बाहर निकली। उसके पति घर के एक हिस्से में सो रहे थे। इसी समय गांव हरिभान पुत्र धर्म पाल, केशव पुत्र राम किशन और खिलौनी पुत्र रामजीलाल ने सोते हुए दयाराम के सिर में गोली मार कर हत्या कर दी। दयाराम की मौके पर ही मौत हो गई। मंजू ने जब चीख कर हमलावरों को ललकारा तो उनके द्वारा मंजू पर भी फायर किया गया। जिससे वह बाल-बाल बच गई।
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मंजू देवी ने छाता कोतवाली में तीनों हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों अभियुक्त के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास और २५ आर्म्स एक्ट में चार्ज शीट लगा दी। तीनों को पुलिस ने जेल भेज दिया, जिन्होंने बाद में जमानत करा ली।
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केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-२ न्यायाधीश नीरू शर्मा ने की। अभियोजन की तरफ से एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने १२ गवाह परीक्षित कराए। अदालत ने केस की सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा, अभियुक्त हरिभान और केशव पर २८ हजार व खिलौनी पर २५ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने तीनों का वारंट बनाकर जेल भेज दिया। एडीजीसी ने बताया कि वारदात रंजिश के तहत की गई थी। अर्थ दंड न दिए जाने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत में पहुंचे ग्रामीण
बताया जाता है कि वारदात के पीछे कोई चुनावी रंजिश भी थी। जिसके चलते निर्णय की जानकारी लगते ही सैकड़ों ग्रामीण अदालत तक पहुंच गए। जिन्हें पुलिस के माध्यम से बाहर कराया गया।