{"_id":"62484a3b1014cb17685bc423","slug":"mathura-industrial-units-spewing-chemicals-in-yamuna-mathura-news-mtr515418020","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: यमुना में रसायन उगल रहीं औद्योगिक इकाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: यमुना में रसायन उगल रहीं औद्योगिक इकाइयां
विज्ञापन
मथुरा। यमुना छठ अर्थात यमुना का जन्मोत्सव में अब ज्यादा वक्त नहीं है। सात अप्रैल को यमुना भक्त इस उत्सव को धूमधाम के साथ मनाएंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाते हैं लेकिन वर्तमान में यमुना में जल की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
इसे लेकर यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना में औद्योगिक रसायन के यमुना में जाने पर चिंता जाहिर की है।
इस बार यमुना छठ का त्योहार सात अप्रैल को मनाया जाएगा। यह यमुना स्नान का पर्व है लेकिन यमुना की स्थिति को लेकर यमुना के वक्त बेहद चिंतित हैं। इसी चिंता को लेकर गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने डीएम नवनीत सिंह चहल और एडीएम वित्त योगानंद तिवारी से मुलाकात की।
विज्ञापन
अवगत कराया कि हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी शहर में औद्योगिक इकाइयों का संचालन किया जा रहा है। इसमें ढोल और वाइब्रेटर शामिल हैं। इनसे निकलने वाला पानी नालियों के माध्यम से यमुना में पहुंच रहा है। इससे यमुना का जल प्रदूषित हो रहा है। नगर निगम एसटीपी, एसपीएस का संचालन नियमित नहीं कर रहा है।
मथुरा तीर्थ क्षेत्र में पशु कटान हो रहा है। उन्होंने यमुना छठ से पूर्व अतिरिक्त पानी यमुना में छोड़ने की मांग की है। इस पर डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए।
विज्ञापन
इसे लेकर यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यमुना में औद्योगिक रसायन के यमुना में जाने पर चिंता जाहिर की है।
विज्ञापन
इस बार यमुना छठ का त्योहार सात अप्रैल को मनाया जाएगा। यह यमुना स्नान का पर्व है लेकिन यमुना की स्थिति को लेकर यमुना के वक्त बेहद चिंतित हैं। इसी चिंता को लेकर गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने डीएम नवनीत सिंह चहल और एडीएम वित्त योगानंद तिवारी से मुलाकात की।
विज्ञापन
अवगत कराया कि हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी शहर में औद्योगिक इकाइयों का संचालन किया जा रहा है। इसमें ढोल और वाइब्रेटर शामिल हैं। इनसे निकलने वाला पानी नालियों के माध्यम से यमुना में पहुंच रहा है। इससे यमुना का जल प्रदूषित हो रहा है। नगर निगम एसटीपी, एसपीएस का संचालन नियमित नहीं कर रहा है।
मथुरा तीर्थ क्षेत्र में पशु कटान हो रहा है। उन्होंने यमुना छठ से पूर्व अतिरिक्त पानी यमुना में छोड़ने की मांग की है। इस पर डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए।