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20 साल बाद अनारक्षित हुई जिला पंचायत
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Thu, 24 Sep 2015 10:48 PM IST
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ठीक 20 साल बाद मथुरा जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित हुआ है। इससे पहले 1995 में यह स्थिति बनी थी। उस वक्त जिला पंचायत पर ठाकुर तेजपाल सिंह की पत्नी सुधा सिंह का कब्जा हुआ था।
जिसकी संभावना अमर उजाला ने पहले ही व्यक्त की थी, आखिरकार जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण की घोषणा में वह सही साबित हुई। मथुरा को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। यह स्थिति ठीक 20 साल बाद बनी है। 1995 में भी मथुरा जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित हुआ था।
इसके बाद 2000 में मथुरा को महिला के लिए आरक्षित किया गया। इस चुनाव में पूर्व मंत्री एवं वर्तमान मांट से विधायक श्याम सुंदर शर्मा की पत्नी सुधा शर्मा को अध्यक्ष चुना गया। 2005 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर डा. जसराम को जिला पंचायत की कुर्सी मिली। यह चुनाव बेहद रोचक हुआ था। इसमें रालोद को पराजय झेलनी पड़ी थी। लेकिन, 2010 के मथुरा को पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किया गया।
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इससे यह सीट रालोद के कोटे से चेतन मलिक ने कब्जाई। हालांकि इस कार्यकाल में चेतन मलिक को हटाते हुए अनूप चौधरी भी अध्यक्ष बने। जिला पंचायत की राजनीति के महारथी एक बार फिर आमने-सामने आ रहे हैं। इस बार भी जिला पंचायत का चुनाव श्याम सुंदर शर्मा, ठाकुर तेजपाल सिंह और चौधरी लक्ष्मीनारायण के इर्दगिर्द ही घूमेगा।
बसपा के 21 प्रत्याशी घोषित
बसपा ने 21 प्रत्याशियों की पहली सूची गुरुवार को जारी कर दी। इसमें वार्ड 8 से ओमप्रकाश, 9 से कल्याण सिंह, 11 से श्याम सुंदर कर्दम, 12 से जबर सिंह, 13 से जयवीर सिंह, 15 से सुधा सिंह, 16 से मोहन सिंह, 18 से लक्ष्मी सैनी, 23 भोला यादव, 24 से अंजना गौतम, 25 से गीता देवी, 26 से रामवीर सिंह, 27 भगवती देवी, 28 से तारावती, 29 से वासदेव प्रधान, 30 से ममता शर्मा, 31 रामकुमार सिंह, 32 से पवनजीत सिंह, 34 से सीमा देवी, 37 देवेंद्र सिंह पहलवान, 38 से विमलेश रावत को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके साथ ही पार्टी ने वार्ड 38 से खुद ही प्रत्याशी घोषित करने वाले विजय लक्ष्मी पत्नी चंद्रभान को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
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जिसकी संभावना अमर उजाला ने पहले ही व्यक्त की थी, आखिरकार जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण की घोषणा में वह सही साबित हुई। मथुरा को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। यह स्थिति ठीक 20 साल बाद बनी है। 1995 में भी मथुरा जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित हुआ था।
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इसके बाद 2000 में मथुरा को महिला के लिए आरक्षित किया गया। इस चुनाव में पूर्व मंत्री एवं वर्तमान मांट से विधायक श्याम सुंदर शर्मा की पत्नी सुधा शर्मा को अध्यक्ष चुना गया। 2005 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर डा. जसराम को जिला पंचायत की कुर्सी मिली। यह चुनाव बेहद रोचक हुआ था। इसमें रालोद को पराजय झेलनी पड़ी थी। लेकिन, 2010 के मथुरा को पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किया गया।
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इससे यह सीट रालोद के कोटे से चेतन मलिक ने कब्जाई। हालांकि इस कार्यकाल में चेतन मलिक को हटाते हुए अनूप चौधरी भी अध्यक्ष बने। जिला पंचायत की राजनीति के महारथी एक बार फिर आमने-सामने आ रहे हैं। इस बार भी जिला पंचायत का चुनाव श्याम सुंदर शर्मा, ठाकुर तेजपाल सिंह और चौधरी लक्ष्मीनारायण के इर्दगिर्द ही घूमेगा।
बसपा के 21 प्रत्याशी घोषित
बसपा ने 21 प्रत्याशियों की पहली सूची गुरुवार को जारी कर दी। इसमें वार्ड 8 से ओमप्रकाश, 9 से कल्याण सिंह, 11 से श्याम सुंदर कर्दम, 12 से जबर सिंह, 13 से जयवीर सिंह, 15 से सुधा सिंह, 16 से मोहन सिंह, 18 से लक्ष्मी सैनी, 23 भोला यादव, 24 से अंजना गौतम, 25 से गीता देवी, 26 से रामवीर सिंह, 27 भगवती देवी, 28 से तारावती, 29 से वासदेव प्रधान, 30 से ममता शर्मा, 31 रामकुमार सिंह, 32 से पवनजीत सिंह, 34 से सीमा देवी, 37 देवेंद्र सिंह पहलवान, 38 से विमलेश रावत को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके साथ ही पार्टी ने वार्ड 38 से खुद ही प्रत्याशी घोषित करने वाले विजय लक्ष्मी पत्नी चंद्रभान को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।