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शहीद का दर्जा न मिलने पर रोका अंतिम संस्कार
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:46 PM IST
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- फोटो : Getty
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राया के गांव भकंडी निवासी सीआरपीएफ जवान राकेश कुमार सोलंकी को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए परिवारीजनों शव के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।
जवान की मंगलवार की सुबह जम्मू में मौत हो गई थी। बुधवार की रात अफसर शव लेकर जवान के गांव आए। खबर लिखे जाने तक जवान के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था।
राया के गांव भकंडी निवासी राकेश कुमार सोलंकी (45) सीआरपीएफ में 22 साल पहले सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे।
वर्तमान में उसकी तैनाती जम्मू कश्मीर में थी। वहां मंगलवार को सुबह उनकी मौत हो गई। जम्मू से राकेश के साथी जवान शव लेकर बुधवार की रात करीब आठ बजे गांव भकंडी पहुंचे। परिवारीजनों ने साथी जवानों से राकेश की मौत का कारण पूछा।
साथ ही सैनिक की मृत्यु के बाद मिलने वाले शहीद के दर्जा वाले कागजात मांगे। कागजातों में शहीद का दर्जा नहीं होने पर परिवारीजन भड़क उठे। इस पर घरवालों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना पर सीओ महावन सुरेन्द्र यादव, राया पुलिस, स्थानीय लोग और नेता जुट गए।
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देर रात तक जवान और अधिकारी परिवारीजनों को नियमावली व अन्य जानकारी देकर संतुष्ट करने में जुटे रहे।
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जवान की मंगलवार की सुबह जम्मू में मौत हो गई थी। बुधवार की रात अफसर शव लेकर जवान के गांव आए। खबर लिखे जाने तक जवान के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था।
राया के गांव भकंडी निवासी राकेश कुमार सोलंकी (45) सीआरपीएफ में 22 साल पहले सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे।
वर्तमान में उसकी तैनाती जम्मू कश्मीर में थी। वहां मंगलवार को सुबह उनकी मौत हो गई। जम्मू से राकेश के साथी जवान शव लेकर बुधवार की रात करीब आठ बजे गांव भकंडी पहुंचे। परिवारीजनों ने साथी जवानों से राकेश की मौत का कारण पूछा।
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साथ ही सैनिक की मृत्यु के बाद मिलने वाले शहीद के दर्जा वाले कागजात मांगे। कागजातों में शहीद का दर्जा नहीं होने पर परिवारीजन भड़क उठे। इस पर घरवालों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना पर सीओ महावन सुरेन्द्र यादव, राया पुलिस, स्थानीय लोग और नेता जुट गए।
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देर रात तक जवान और अधिकारी परिवारीजनों को नियमावली व अन्य जानकारी देकर संतुष्ट करने में जुटे रहे।