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Mathura News: झूठे केस में जेल भेजने वाले मगोर्रा थाना प्रभारी लाइन हाजिर
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सौंख। मगोर्रा थाना प्रभारी निरीक्षक को झूठे मामले में व्यक्ति को जेल भेजना भारी पड़ गया। भाजपा के मंडल अध्यक्ष की शिकायत पर समाज कल्याण मंत्री ने मामले की जांच के निर्देश एसएसपी को दिए। एसएसपी ने सीओ गोवर्धन को जांच के आदेश दिए। जांच में थाना प्रभारी निरीक्षक मगोर्रा दोषी पाए गए। इस पर मंगलवार को एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
भाजपा मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि 24 फरवरी को हाईवे थाना क्षेत्र के गांव असकरपुर निवासी नेत्रपाल सिंह अपने बेटे रवि कुमार को हाईस्कूल का पेपर दिलाने के लिए मगोर्रा के हरिमुख इंटर कॉलेज गए थे। उनका पुत्र पेपर दे रहा था। वह कॉलेज के पास ही थोड़ी दूरी पर एक पेड़ के नीचे बैठ गए। तभी थाना प्रभारी मगोर्रा मोहित तौमर पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए।
उन्होंने पहले तो नेत्रपाल से पेड़ के नीचे बैठने का कारण पूछा। उन्होंने पूरी बात बता दी, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं हुए और नेत्रपाल को अपने साथ थाने ले आए। यहां उन्होंने नेत्रपाल को 300 ग्राम गांजे में गिरफ्तार दिखाते हुए कोर्ट में पेश किया और जेल भिजवा दिया। पेपर खत्म होने के बाद जब नेत्रपाल का पुत्र रवि सेंटर से बाहर आया तो पिता को न देख परेशान हो गया। उसे पता चला कि पुलिस ने उनके पिता को झूठे केस में जेल भिजवा दिया है। इसकी जानकरी उन्होंने सत्येंद्र चौधरी को दी। जांच में सीओ की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को एसएसपी ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया।
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थाना प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही थी। कई बार की चेतावनी के बाद भी उनकी कार्य प्रणाली नहीं बदली। एक बेगुनाह व्यक्ति को झूठे केस में जेल भेजने की जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें लाइन हाजिर किया गया है। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
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भाजपा मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि 24 फरवरी को हाईवे थाना क्षेत्र के गांव असकरपुर निवासी नेत्रपाल सिंह अपने बेटे रवि कुमार को हाईस्कूल का पेपर दिलाने के लिए मगोर्रा के हरिमुख इंटर कॉलेज गए थे। उनका पुत्र पेपर दे रहा था। वह कॉलेज के पास ही थोड़ी दूरी पर एक पेड़ के नीचे बैठ गए। तभी थाना प्रभारी मगोर्रा मोहित तौमर पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए।
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उन्होंने पहले तो नेत्रपाल से पेड़ के नीचे बैठने का कारण पूछा। उन्होंने पूरी बात बता दी, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं हुए और नेत्रपाल को अपने साथ थाने ले आए। यहां उन्होंने नेत्रपाल को 300 ग्राम गांजे में गिरफ्तार दिखाते हुए कोर्ट में पेश किया और जेल भिजवा दिया। पेपर खत्म होने के बाद जब नेत्रपाल का पुत्र रवि सेंटर से बाहर आया तो पिता को न देख परेशान हो गया। उसे पता चला कि पुलिस ने उनके पिता को झूठे केस में जेल भिजवा दिया है। इसकी जानकरी उन्होंने सत्येंद्र चौधरी को दी। जांच में सीओ की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को एसएसपी ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया।
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थाना प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही थी। कई बार की चेतावनी के बाद भी उनकी कार्य प्रणाली नहीं बदली। एक बेगुनाह व्यक्ति को झूठे केस में जेल भेजने की जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें लाइन हाजिर किया गया है। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी