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गर्म हवाओं से गड़बड़ाया गेहूं का गणित
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:40 AM IST
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फरवरी में अचानक तेज गरमी ने माथे पर पसीना लाकर और फिर मार्च में हल्की बरसात के बाद तेज हवाओं ने आमजन को तो केवल परेशान किया, लेकिन किसान का दम ही निकाल दिया है। आज खेतों में तैयार फसल से अनाज के दाने निकालते वक्त गेहूं के उत्पादन में 25 से 40 फीसदी तक गिरावट बताई जा रही है।
फरवरी में अचानक बढ़े तापमान और मार्च के महीने में चलीं तेज पछुआ हवाओं से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। खुले बाजार मेें अच्छा भाव मिलने की जो खुशी थी वो फसल की मढ़ाई के समय चेहरे से गायब हो गई है।
अकबरपुर के किसान चंदन सिंह ने बताया कि उनकी फसल खेत में बहुत अच्छी खड़ी थी, लेकिन जब कटाई के बाद मढ़ाई की तो उत्पादन काफी कम बैठा। पांच बीघा खेत में केवल 40 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है। पिछली बार यह 60 क्विंटल था।
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आझई के किसान थान सिंह ने बताया कि इस बार किसानों को कई वर्ष बाद अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने अरमानों पर पानी फेर दिया। चौमुंहा के किसान अशोक सिंह ने बताया कि पिछली बार ओले-बरसात ने सामने से कमर तोड़ी थी, इस बार मौसम ने चुपके से किसान को पछाड़ दिया। अचानक गर्म हवाओं से गेहूं का दाना कमजोर हो गया। पसौली के किसान इन्द्रजीत सिंह भी उत्पादन गिरने से बेहद परेशान है। गेहूं के दाने में वजन नहीं है।
फैक्ट फाइल
- मथुरा में 1.95 लाख हेक्टेअर में है गेहूं की बुवाई
- कृषि विभाग के अनुसार दिसंबर माह में 10-15 प्रतिशत हुई बुवाई
- जिले में 6.82 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होने का पूर्व अनुमान
- दिसंबर में बोई गई फसल में 25 से 40 फीसदी तक का नुकसान होने का अंदेशा
जिले में कुल 1.95 लाख हेक्टेअर में गेहूं की बुवाई है। इसमें से जो बुवाई दिसंबर माह में आखिर में हुई है उस फसल पर खराब मौसम का बुरा असर पड़ा है। कृषि विभाग आंकड़ों को जुटा रहा है तभी उत्पादन में गिरावट का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा।
राकेश बाबू
उपकृषि निदेशक, मथुरा।
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फरवरी में अचानक बढ़े तापमान और मार्च के महीने में चलीं तेज पछुआ हवाओं से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। खुले बाजार मेें अच्छा भाव मिलने की जो खुशी थी वो फसल की मढ़ाई के समय चेहरे से गायब हो गई है।
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अकबरपुर के किसान चंदन सिंह ने बताया कि उनकी फसल खेत में बहुत अच्छी खड़ी थी, लेकिन जब कटाई के बाद मढ़ाई की तो उत्पादन काफी कम बैठा। पांच बीघा खेत में केवल 40 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है। पिछली बार यह 60 क्विंटल था।
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आझई के किसान थान सिंह ने बताया कि इस बार किसानों को कई वर्ष बाद अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने अरमानों पर पानी फेर दिया। चौमुंहा के किसान अशोक सिंह ने बताया कि पिछली बार ओले-बरसात ने सामने से कमर तोड़ी थी, इस बार मौसम ने चुपके से किसान को पछाड़ दिया। अचानक गर्म हवाओं से गेहूं का दाना कमजोर हो गया। पसौली के किसान इन्द्रजीत सिंह भी उत्पादन गिरने से बेहद परेशान है। गेहूं के दाने में वजन नहीं है।
फैक्ट फाइल
- मथुरा में 1.95 लाख हेक्टेअर में है गेहूं की बुवाई
- कृषि विभाग के अनुसार दिसंबर माह में 10-15 प्रतिशत हुई बुवाई
- जिले में 6.82 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होने का पूर्व अनुमान
- दिसंबर में बोई गई फसल में 25 से 40 फीसदी तक का नुकसान होने का अंदेशा
जिले में कुल 1.95 लाख हेक्टेअर में गेहूं की बुवाई है। इसमें से जो बुवाई दिसंबर माह में आखिर में हुई है उस फसल पर खराब मौसम का बुरा असर पड़ा है। कृषि विभाग आंकड़ों को जुटा रहा है तभी उत्पादन में गिरावट का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा।
राकेश बाबू
उपकृषि निदेशक, मथुरा।