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हत्या में अभियुक्त को आजीवन कारावास
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मथुरा। मगोर्रा थाना क्षेत्र में सितंबर 2014 में हुई भूपेंद्र की हत्या में शामिल एक अभियुक्त को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय नीरू शर्मा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
नगलाबर निवासी भूपेंद्र को ग्राम अड्डा निवासी राजू दवा लेने के बहाने 11 सितंबर 2014 को मथुरा लेकर आया था। अड्डा पाली के पास भूपेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात की रिपोर्ट मृतक के भाई जितेंद्र ने दर्ज कराई। पुलिस ने भूपेंद्र की हत्या के मामले में राजू, भरतो और प्रहलाद को गिरफ्तार किया और चार्जशीट भी दाखिल की। केस की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय नीरू शर्मा ने राजू को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर अदालत ने प्रहलाद को बरी कर दिया।
एडीसीसी भगत सिंह ओर सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अदालत ने राजू को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने भरतों को अवैध तमंचा रखने का दोषी माना और एक वर्ष के कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। भरतो को अदालत से जमानत मिल गई। राजू को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है। पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर अदालत ने प्रहलाद को बरी कर दिया।
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नगलाबर निवासी भूपेंद्र को ग्राम अड्डा निवासी राजू दवा लेने के बहाने 11 सितंबर 2014 को मथुरा लेकर आया था। अड्डा पाली के पास भूपेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात की रिपोर्ट मृतक के भाई जितेंद्र ने दर्ज कराई। पुलिस ने भूपेंद्र की हत्या के मामले में राजू, भरतो और प्रहलाद को गिरफ्तार किया और चार्जशीट भी दाखिल की। केस की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय नीरू शर्मा ने राजू को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर अदालत ने प्रहलाद को बरी कर दिया।
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एडीसीसी भगत सिंह ओर सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अदालत ने राजू को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने भरतों को अवैध तमंचा रखने का दोषी माना और एक वर्ष के कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। भरतो को अदालत से जमानत मिल गई। राजू को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है। पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर अदालत ने प्रहलाद को बरी कर दिया।
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