{"_id":"622a3baabbedc13b7e31b67e","slug":"laxminarayan-creates-history-by-registering-second-consecutive-win-mathura-news-mtr5143898132","type":"story","status":"publish","title_hn":"लगातार दूसरी जीत दर्ज करके लक्ष्मीनारायण ने रचा इतिहास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लगातार दूसरी जीत दर्ज करके लक्ष्मीनारायण ने रचा इतिहास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। इस बार छाता विधानसभा क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने लगातार दूसरी बार जीतकर इतिहास रच डाला। करीब ४९ हजार वोटों से जीते कैबिनेट मंत्री ने भाजपा नेतृत्व के विश्वास को कायम रखा और भाजपा की झोली में दोबारा सीट जिताकर डाल दी।
लगभग पिछले दो दशक से कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह एक-दूसरे को मात देकर छाता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनते रहे। हालांकि पिछली बार साल २०१७ में जरूर पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह खुद मैदान में नहीं उतरे, पर उन्होंने अपने सुपुत्र अतुल सिसौदिया को मैदान में उतारा था, पर कैबिनेट मंत्री ने उनको हराकर जीत दर्ज की। इस बार पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण के मध्य मुकाबला हुआ।
मतगणना में शुरू से बढ़त बनाए रहे कैबिनेट मंत्री ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार वोटों की बढ़त बनाते हुए कैबिनेट मंत्री ने दोबारा छाता विधानसभा क्षेत्र से जीतकर इतिहास रच डाला। करीब ४९ हजार से जीतकर पूर्व मंत्री को मात देकर कैबिनेट मंत्री ने इतिहास रच डाला। कभी एक बार पूर्व मंत्री विधायक चुने जाते तो कभी कैबिनेट मंत्री विधायक चुनकर आते। अबकी बार छाता की जनता ने चौधरी लक्ष्मीनारायण को दोबारा जिताकर विधानसभा भेजा है।
विज्ञापन
कभी तेजपाल को कभी लक्ष्मीनारायण जीतते रहे
छात्रा विधानसभा क्षेत्र में खास बात यह है कि पिछले २० साल का आंकड़ा देखें तो कभी चौधरी लक्ष्मीनारायण जीते से तो कभी ठाकुर तेजपाल सिंह ने बाजी मारी। कोई भी लगातार जीत हासिल नहीं कर पाए, लेकिन २०२२ के चुनाव में लक्ष्मीनारायण ने जीत दर्ज करके पुराने आंकड़ों को तोड़ दिया।
विज्ञापन
लगभग पिछले दो दशक से कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह एक-दूसरे को मात देकर छाता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनते रहे। हालांकि पिछली बार साल २०१७ में जरूर पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह खुद मैदान में नहीं उतरे, पर उन्होंने अपने सुपुत्र अतुल सिसौदिया को मैदान में उतारा था, पर कैबिनेट मंत्री ने उनको हराकर जीत दर्ज की। इस बार पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण के मध्य मुकाबला हुआ।
विज्ञापन
मतगणना में शुरू से बढ़त बनाए रहे कैबिनेट मंत्री ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार वोटों की बढ़त बनाते हुए कैबिनेट मंत्री ने दोबारा छाता विधानसभा क्षेत्र से जीतकर इतिहास रच डाला। करीब ४९ हजार से जीतकर पूर्व मंत्री को मात देकर कैबिनेट मंत्री ने इतिहास रच डाला। कभी एक बार पूर्व मंत्री विधायक चुने जाते तो कभी कैबिनेट मंत्री विधायक चुनकर आते। अबकी बार छाता की जनता ने चौधरी लक्ष्मीनारायण को दोबारा जिताकर विधानसभा भेजा है।
विज्ञापन
कभी तेजपाल को कभी लक्ष्मीनारायण जीतते रहे
छात्रा विधानसभा क्षेत्र में खास बात यह है कि पिछले २० साल का आंकड़ा देखें तो कभी चौधरी लक्ष्मीनारायण जीते से तो कभी ठाकुर तेजपाल सिंह ने बाजी मारी। कोई भी लगातार जीत हासिल नहीं कर पाए, लेकिन २०२२ के चुनाव में लक्ष्मीनारायण ने जीत दर्ज करके पुराने आंकड़ों को तोड़ दिया।