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Mathura News: पिंजड़े में कैद लंगूर देख रहा आजादी का राह
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पिंजड़े में बंद लंगूर।
वृंदावन। केशव धाम के पास बहुमंजिला इमारत कोशदा मंदाकिनी अपार्टमेंट्स है। यहां बंदरों को उत्पात बढ़ा तो एक लंगूर को रख लिया। यह लंगूर यहां गार्ड की तरह ड्यूटी देकर बंदरों को अपार्टमेंट में आने से रोक रहा है। लंगूर को लेकर आने वाला व्यक्ति पहले ताे उसे पिंजडे में रख रहा था, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के चलते लंगूर को पिंजड़े से बाहर निकला लिया। अब वह खुले में घूमता है। लंगूर से बंदरों का उत्पात तो कम हो गया लेकिन वहीं लंगूर आजादी की राह तक रहा है।
मंदाकिनी अपार्टमेंट वृंदावन की जानी मानी सोसाइटी है। यहां नियम विरुद्ध एक लंगूर को बंदरों से निजात पाने के लिए रखा गया। लंगूर लेकर आने वाला व्यक्ति अपने साथ एयरगन लेकर चलता है। वहीं लंगूर को वह पिंजड़े में रखता है, उसी में उसे खाना पीना दिया जा रहा था। कुछ लोगों के विरोध के बाद लंगूर को पिंजड़े से बाहर निकाला। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों के कहने के बाद लंगूर को लेकर आए व्यक्ति ने उसे बाहर निकाल दिया। अब वह छतों पर घूमता रहता है। साथ आने वाला व्यक्ति ही उसे खाना खिलाता है। इस मामले में सोसाइटी के स्वामी श्यामजी से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
किराए पर लेकर आते हैं लंगूर
लंगूर को पालने वाले बंदरों को भगाने के लिए सोसाइटी से ठेका लेते हैं। वह लंगूर को साथ लेकर आते हैं और पूरे दिन उसे वहीं रखते हैं। वह गार्ड की तरह वहां तैनात रहता है। उसके बदले मोटी धनराशि लेते हैं। डीएफओ वेंकटा श्रीकर पटेल ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा है तो टीम भेजकर लंगूर को मुक्त कराया जाएगा।
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मंदाकिनी अपार्टमेंट वृंदावन की जानी मानी सोसाइटी है। यहां नियम विरुद्ध एक लंगूर को बंदरों से निजात पाने के लिए रखा गया। लंगूर लेकर आने वाला व्यक्ति अपने साथ एयरगन लेकर चलता है। वहीं लंगूर को वह पिंजड़े में रखता है, उसी में उसे खाना पीना दिया जा रहा था। कुछ लोगों के विरोध के बाद लंगूर को पिंजड़े से बाहर निकाला। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों के कहने के बाद लंगूर को लेकर आए व्यक्ति ने उसे बाहर निकाल दिया। अब वह छतों पर घूमता रहता है। साथ आने वाला व्यक्ति ही उसे खाना खिलाता है। इस मामले में सोसाइटी के स्वामी श्यामजी से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
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किराए पर लेकर आते हैं लंगूर
लंगूर को पालने वाले बंदरों को भगाने के लिए सोसाइटी से ठेका लेते हैं। वह लंगूर को साथ लेकर आते हैं और पूरे दिन उसे वहीं रखते हैं। वह गार्ड की तरह वहां तैनात रहता है। उसके बदले मोटी धनराशि लेते हैं। डीएफओ वेंकटा श्रीकर पटेल ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा है तो टीम भेजकर लंगूर को मुक्त कराया जाएगा।
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