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संतों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Fri, 06 Nov 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा Updated Fri, 06 Nov 2015 11:17 PM IST
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land mafiya destroyed the construction of nepali samaj
भजन कुटी पर तोड़फोड़ से संत एवं ब्राह्मण समाज में रोष है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को भी इस रोष का सामना करना पड़ा। संतों ने चेतावनी दी कि आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई न की गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।
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घटना की जानकारी पर स्वामी रामदेवांनद सरस्वती, महंत हरिबोल बाबा, महामंडलेश्वर स्वामी बालयोगेश्वरानंद, महंत फूलडोल बिहारी दास और ब्राह्मण सेवा संघ के अध्यक्ष चंद्रलाल शर्मा, आनंद बल्लभ गोस्वामी, दामोदर स्वामी, उदयन शर्मा, सपा नगर अध्यक्ष नारायण यादव, महंत मोहिनी शरण, बाबा रसिका पागल मौके पर पहुंच गए।
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उनका कहना था कि एक साथ इतने लोग हथियार सहित नगर में आते हैं और आधी रात को जेसीबी से इतनी बड़ी बिल्डिंग को गिराकर चले जाते हैं। क्या यह मामूली घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना संभव नहीं है।
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कहा कि यदि आरोपियों को शीघ्र पकड़ा नहीं गया तो वह पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल
परिक्रमा मार्ग चामुंडा मंदिर के समीप स्थित भजन कुटी पर कब्जे का प्रयास पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है। घटना से पूर्व गुरुवार दोपहर को चामुंडा मंदिर पर बने कमरों में एक साथ 150 लोगों का इकट्ठा होना और कुछ देर बाद चले जाना। बताया गया कि घटना के दौरान बार-बार 100 नंबर पर फोन किया गया लेकिन पुलिस तीन घंटे के बाद मौके पर पहुंची। पीड़ितों का कहना है कि तब भी उनसे ही अभद्रता की गई। घंटों बीत जाने के बाद भी आरोपियों के विरोध में कार्रवाई, एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। भजन कुटी के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य का कहना है कि घटना को अमलीजामा पहनाने की पटकथा दोपहर में ही लिखी जा चुकी थी।

जो मिला उसे पीटा
घटना के बारे में वहां रह रहे चंद्रधाल, केशव, गणेशानंद, राम शरण, चिरंजी ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे कुछ लोगाें ने दरवाजा खटखटाया था। गेट न खुलने पर उन्होंने फायरिंग करते हुए गेट को तोड़ डाला। हमलावरों ने अंदर घुसते ही सामान फेंकते जो मिला उसे पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने विरोध का प्रयास किया तो बदमाश उन सभी को पास के चामुंडा मंदिर के  कमरे में ले गए और लाठी, डंडों और सरिया से पीटा। वह लोग आश्रम में बंधी 12 गायों को भी खोलकर ले गए।

पहले भी हुई हैं घटनाएं
धर्मनगरी में आश्रम और मठों की संपत्ति पर कब्जे को लेकर कई बार विवाद हुए हैं। संतों और महंतों पर हमले की घटनाएं भी हुई हैं। कब्जे के प्रयास में संतों की हत्या तक की गई।

संपत्ति को लेकर हमले
04 अगस्त, 2007: गणेश आश्रम के महंत रामजीवनदास पर जानलेवा हमला, कई साधु घायल
29 अक्तूबर, 2007: गणेश आश्रम के महंत रामजीवनदास पर कचहरी जाते समय हमला
07 मार्च, 2009: रमणरेती स्थित भागवत निवास पर कब्जे को लेकर संतों पर हमला, तीन घायल

साधुओं की हत्या
2001: गौरा नगर, रामानुज नगर कालोनी निवासी रामलखन दास की हत्या
2002: गुरुकुल मार्ग के समीप निवासी मनमोहन दास की हत्या
2005: गौड़िया मठ में एक साधु की हत्या
2006: गौशानगर निवासी रामदास त्यागी की गला दबाकर हत्या

बिखरा पड़ा था संतों का सामान
भजन कुटी में निवासरत साधु-संतों और विद्यार्थियों का सामान शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर जहां-तहां पड़ा हुआ था। रसोई के बर्तन, रजाई-गद्दे, चादर, बक्से आदि मलबे में दबे भी दिख रहे थे।


स्वामित्व को लेकर चल रहा वाद
प्राचीन भजनकुटी सेवा संस्थान पर कब्जे का पहले भी प्रयास किया गया। संस्थान के सचिव बालकृष्णदेवाचार्य के अनुसार उस समय कुछ लोगाें ने मारपीट कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया था। कोतवाली में तहरीर दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि भजनकुटी सेवा संस्थान ट्रस्ट के पिछले दस वर्षों से भूमि के स्वामित्व को लेकर गौरी शंकर, लक्ष्मीदेवी, बिहारीलाल, नारायणदेवी, त्रिकोलीनाथ आदि से नौ केस चल रहे हैं।
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