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श्यामा प्यारी सी कुंजबिहारी प्यारी जू...
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 15 Sep 2015 11:36 PM IST
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स्वामी हरिदास रसोपासना पीठ सेवा संस्थान की ओर से आयोजित स्वामी हरिदास आविर्भाव महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को भजन संध्या और केलिमाल पाठ आयोजित किया गया। भजन संध्या में गायक लखवीर सिंह लक्खा ने भजन की एक के बाद एक शानदार प्रस्तुति दी।
एक मन प्यारे आ तू सदा सच संभाले गुुरुवाणी का पद सुनाकर शुरुआत की। इसके बाद बड़ी देर भई नंदलाला... और अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो.. गाया तो समूचा सभागार कृष्णभक्ति के रंग में रंग गया। इसके बाद बाबा रसिका पागल ने श्यामा प्यारी सी कुंजबिहारी प्यारी जू.. और मुुझे वृंदावन बसाया.. आदि भजन प्रस्तुत किया तो सभी श्रोतागण नृत्य करने लगे। बाबा चित्र-विचित्र ने प्रथम लड़ाऊं श्रीगुरु वंदन.... और प्रगट सुखदाई महल ते प्रगट भई... भजन प्रस्तुत किया।
अध्यक्ष बाबा रतन दास ने कहा कि स्वामी हरिदास आविर्भाव महोत्सव के माध्यम से ब्रज संस्कृति के साथ प्राचीन भारतीय संगीत विधा के संरक्षण और संवर्धन का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर विष्णुदान शर्मा, बाबा दयाल दास, वृंदावनदास, ज्ञानदास, मदनमोहन दास, रसिकदास, चम्पालाल भुवालका आदि उपस्थित थे।
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एक मन प्यारे आ तू सदा सच संभाले गुुरुवाणी का पद सुनाकर शुरुआत की। इसके बाद बड़ी देर भई नंदलाला... और अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो.. गाया तो समूचा सभागार कृष्णभक्ति के रंग में रंग गया। इसके बाद बाबा रसिका पागल ने श्यामा प्यारी सी कुंजबिहारी प्यारी जू.. और मुुझे वृंदावन बसाया.. आदि भजन प्रस्तुत किया तो सभी श्रोतागण नृत्य करने लगे। बाबा चित्र-विचित्र ने प्रथम लड़ाऊं श्रीगुरु वंदन.... और प्रगट सुखदाई महल ते प्रगट भई... भजन प्रस्तुत किया।
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अध्यक्ष बाबा रतन दास ने कहा कि स्वामी हरिदास आविर्भाव महोत्सव के माध्यम से ब्रज संस्कृति के साथ प्राचीन भारतीय संगीत विधा के संरक्षण और संवर्धन का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर विष्णुदान शर्मा, बाबा दयाल दास, वृंदावनदास, ज्ञानदास, मदनमोहन दास, रसिकदास, चम्पालाल भुवालका आदि उपस्थित थे।
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