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Mathura News: खरीफ की फसल को मानसून की बारिश का इंतजार
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मथुरा। जिले में इस वर्ष अब तक मानसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है। इससे खरीफ की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अब अगस्त के पहले हफ्ते में बारिश की संभावना से राहत की उम्मीद हैं। परेशान किसान नहर, नलकूपों से सिंचाई के प्रयासों में जुटे हुए हैं। इससे उत्पादन पर भी असर की आशंका है।
जिले में अब तक मानसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है। यहां एक जून से 31 जुलाई तक कुल 147.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष मानसून के दौर में एक जून से 31 जुलाई तक इस दौरान दोगुनी से ज्यादा 301 मिमी बारिश हुई थी। वहीं अब भी अच्छी बारिश के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश की संभावना जताई जा रही है। बारिश कम होने से खरीफ की फसल का उत्पादन कम होने की संभावना है। वहीं जल्द बारिश न होने पर पैदावार के दौरान ही फसलों के मुरझाने की संभावना है। इसमें सबसे ज्यादा धान की फसल को सिंचाई की जरूरत है।
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि अपर आगरा नहर एवं मांट ब्रांच गंग नहर से जिले में करीब दो लाख हेक्टेअर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। दोनों ही नहरों में पानी की कमी के चलते 60 प्रतिशत ही खेतों को पानी मिल पा रहा है। बारिश न होने से नहरों में भी ऊपर से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
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इस वर्ष जून जुलाई माह में पिछले वर्ष से भी आधी बारिश हुई है। अगले हफ्ते में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। इससे धान, ज्वार एवं बाजरा की फसल को संजीवनी मिलेगी। यदि बारिश नहीं होगी तो धान की फसल के मुरझाने की संभावना है।
-आवेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
फोटो-
खरीफ के मौसम में सर्वाधिक धान की फसल बोई जाती है। इसमें बारिश कम होने से फसल के मुरझाने की संभावना है। अभी बुवाई पूरी हुई है, यदि अगले एक हफ्ते में बारिश नहीं हुई तो धान की फसल में काफी नुकसान हो सकता है।
-राजकुमार तौमर, बलदेव
फोटो-
बारिश नहीं होने से धान के साथ ज्वार एवं बाजरे की फसल में नुकसान की आशंका है। किसानों को बेसब्री से बारिश का इंतजार है। जो किसान नहर या नलकूप से सिंचाई कर पा रहे हैं सिर्फ उन्हीं को राहत मिलने की संभावना है।
-शिवराम सिंह, सौंख
फोटो-
धान की फसल में सिंचाई के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। इस बार बारिश कम होने के कारण फसल के मुरझाने की संभावना बनी हुई हैं। मौसम विभाग आगामी एक हफ्ते में अच्छी बारिश की संभावना जता रहा है।
-भरत जोशी, गोवर्धन
फोटो-
खरीफ की फसलों का रकवा
धान 146040 हेक्टेअर
बाजरा 65195 हेक्टेअर
ज्वार 17677 हेक्टेअर
दलहन की फसलों का रकवा
अरहर 2935 हेक्टेअर
तिल 665 हेक्टेअर उड़द 735 हेक्टेअर
मूंग 87 हेक्टेअर श्रीअन्न 25 हेक्टेअर
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जिले में अब तक मानसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है। यहां एक जून से 31 जुलाई तक कुल 147.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष मानसून के दौर में एक जून से 31 जुलाई तक इस दौरान दोगुनी से ज्यादा 301 मिमी बारिश हुई थी। वहीं अब भी अच्छी बारिश के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश की संभावना जताई जा रही है। बारिश कम होने से खरीफ की फसल का उत्पादन कम होने की संभावना है। वहीं जल्द बारिश न होने पर पैदावार के दौरान ही फसलों के मुरझाने की संभावना है। इसमें सबसे ज्यादा धान की फसल को सिंचाई की जरूरत है।
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सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि अपर आगरा नहर एवं मांट ब्रांच गंग नहर से जिले में करीब दो लाख हेक्टेअर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। दोनों ही नहरों में पानी की कमी के चलते 60 प्रतिशत ही खेतों को पानी मिल पा रहा है। बारिश न होने से नहरों में भी ऊपर से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
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इस वर्ष जून जुलाई माह में पिछले वर्ष से भी आधी बारिश हुई है। अगले हफ्ते में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। इससे धान, ज्वार एवं बाजरा की फसल को संजीवनी मिलेगी। यदि बारिश नहीं होगी तो धान की फसल के मुरझाने की संभावना है।
-आवेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
फोटो-
खरीफ के मौसम में सर्वाधिक धान की फसल बोई जाती है। इसमें बारिश कम होने से फसल के मुरझाने की संभावना है। अभी बुवाई पूरी हुई है, यदि अगले एक हफ्ते में बारिश नहीं हुई तो धान की फसल में काफी नुकसान हो सकता है।
-राजकुमार तौमर, बलदेव
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बारिश नहीं होने से धान के साथ ज्वार एवं बाजरे की फसल में नुकसान की आशंका है। किसानों को बेसब्री से बारिश का इंतजार है। जो किसान नहर या नलकूप से सिंचाई कर पा रहे हैं सिर्फ उन्हीं को राहत मिलने की संभावना है।
-शिवराम सिंह, सौंख
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धान की फसल में सिंचाई के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। इस बार बारिश कम होने के कारण फसल के मुरझाने की संभावना बनी हुई हैं। मौसम विभाग आगामी एक हफ्ते में अच्छी बारिश की संभावना जता रहा है।
-भरत जोशी, गोवर्धन
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खरीफ की फसलों का रकवा
धान 146040 हेक्टेअर
बाजरा 65195 हेक्टेअर
ज्वार 17677 हेक्टेअर
दलहन की फसलों का रकवा
अरहर 2935 हेक्टेअर
तिल 665 हेक्टेअर उड़द 735 हेक्टेअर
मूंग 87 हेक्टेअर श्रीअन्न 25 हेक्टेअर