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इस्कॉन ने पहली बार वृंदावन में निकाली जगन्नाथ रथयात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Sun, 26 Jul 2015 11:36 PM IST
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धर्मनगरी श्रीधाम वृंदावन रविवार को भगवान जगन्नाथ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठी। चहुंओर जय जगन्नाथ, जय बलराम और जय सुभद्रा की जयकारे सुनाई पड़ रहे थे। मौका था अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का। रविवार की दोपहर छटीकरा मार्ग स्थित एक आवासीय कालोनी से शुरू हुई रथयात्रा में देश-विदेश के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
धर्मनगरी में इस्कॉन संस्था की ओर से पहली बार आयोजित किए जा रहे रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत दोपहर करीब 12 बजे भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, बलराम और बहन सुभद्रा को वैदिक मंत्रोच्चरण के माध्य सुसज्जित रथ में विराजित कराया। इसी बीच हैलीकाप्टर से दिव्य रथ पर पुष्प वर्षा की गई। श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ... से क्षेत्र गुंजा दिया।
मंत्रों के साथ ही रथ को कालोनी से नगर भ्रमण के लिए निकाला गया। दिव्य रथ को खींचने के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की आरती उतारकर पूजा-अर्चना की। रथयात्रा में देशी-विदेशी भक्त भजनों और मृदंग की थाप पर नृत्य एवं संकीर्तन करते चल रहे थे। रथ के आगे नगर पालिका के चेयरमैन हाथ में झाडू से मार्ग की सफाई करते चल रहे थे। समाजसेवी एसके शर्मा, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, संत गोपालाचार्य, विहिप नगर अध्यक्ष सौरभ गौड़, कुलदीप अरोड़ा, संदीप अरोड़ा, महेशचंद्र शर्मा, ठाकुर महेंद्र सिंह बारी-बारी से मार्ग की सफाई कर रहे थे।
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गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों की ओर से मंत्रोच्चारण किया गया। रथ में सवार इस्कॉन के डायरेक्टर राधा-श्याम सुंदर दास और सनक सनातन दास आदि नगर वासियों को प्रसाद वितरित करते चल रहे थे।
इस्कॉन भक्तों के द्वारा रथयात्रा के मार्ग में जगह-जगह रंगोली सजाई गई। रथयात्रा देर शाम विद्यापीठ चौराहे से बांके बिहारी कालोनी होती हुई इस्कॉन मंदिर पर समाप्त हुई। जहां देशी-विदेशी भक्तों ने आरती उतारकर स्वागत किया।
संकीर्तन मंडलियों ने प्रस्तुत किए भजन
रथयात्रा में वृंदावन के अतिरिक्त अन्य प्रांतों से संकीर्तन की 5 मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सभी हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे-हरे राम हरे राम राम हरे हरे महामंत्र की धुन पर मृदंग की थाप और हरमोनियम की धुन पर संकीर्तन करते हुए चल रहे थे। रथयात्रा से आगे नफीरी बजाते हुए कलाकार चल रहे थे।
विदेशी बालाओं के नृत्य ने मोहा
रथयात्रा में विदेशी महिला श्रद्धालुओं ने भी बढ़चढ़कर सहभागिता की। यात्रा में विदेशी बालाएं और महिलाएं नृत्य करती चल रही थीं।
पुलिस के नहीं रहे इंतजाम
रथयात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई इंतजाम नहीं किए थे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स नहीं लगाई गई थे। ट्रैफिक को डायवर्ट करने का भी इंतजाम नहीं किया गया था। इसके चलते छटीकरा से लेकर विद्यापीठ मार्ग तक कई जगह जाम लगा रहा।
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धर्मनगरी में इस्कॉन संस्था की ओर से पहली बार आयोजित किए जा रहे रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत दोपहर करीब 12 बजे भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, बलराम और बहन सुभद्रा को वैदिक मंत्रोच्चरण के माध्य सुसज्जित रथ में विराजित कराया। इसी बीच हैलीकाप्टर से दिव्य रथ पर पुष्प वर्षा की गई। श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ... से क्षेत्र गुंजा दिया।
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मंत्रों के साथ ही रथ को कालोनी से नगर भ्रमण के लिए निकाला गया। दिव्य रथ को खींचने के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की आरती उतारकर पूजा-अर्चना की। रथयात्रा में देशी-विदेशी भक्त भजनों और मृदंग की थाप पर नृत्य एवं संकीर्तन करते चल रहे थे। रथ के आगे नगर पालिका के चेयरमैन हाथ में झाडू से मार्ग की सफाई करते चल रहे थे। समाजसेवी एसके शर्मा, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, संत गोपालाचार्य, विहिप नगर अध्यक्ष सौरभ गौड़, कुलदीप अरोड़ा, संदीप अरोड़ा, महेशचंद्र शर्मा, ठाकुर महेंद्र सिंह बारी-बारी से मार्ग की सफाई कर रहे थे।
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गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों की ओर से मंत्रोच्चारण किया गया। रथ में सवार इस्कॉन के डायरेक्टर राधा-श्याम सुंदर दास और सनक सनातन दास आदि नगर वासियों को प्रसाद वितरित करते चल रहे थे।
इस्कॉन भक्तों के द्वारा रथयात्रा के मार्ग में जगह-जगह रंगोली सजाई गई। रथयात्रा देर शाम विद्यापीठ चौराहे से बांके बिहारी कालोनी होती हुई इस्कॉन मंदिर पर समाप्त हुई। जहां देशी-विदेशी भक्तों ने आरती उतारकर स्वागत किया।
संकीर्तन मंडलियों ने प्रस्तुत किए भजन
रथयात्रा में वृंदावन के अतिरिक्त अन्य प्रांतों से संकीर्तन की 5 मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सभी हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे-हरे राम हरे राम राम हरे हरे महामंत्र की धुन पर मृदंग की थाप और हरमोनियम की धुन पर संकीर्तन करते हुए चल रहे थे। रथयात्रा से आगे नफीरी बजाते हुए कलाकार चल रहे थे।
विदेशी बालाओं के नृत्य ने मोहा
रथयात्रा में विदेशी महिला श्रद्धालुओं ने भी बढ़चढ़कर सहभागिता की। यात्रा में विदेशी बालाएं और महिलाएं नृत्य करती चल रही थीं।
पुलिस के नहीं रहे इंतजाम
रथयात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई इंतजाम नहीं किए थे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स नहीं लगाई गई थे। ट्रैफिक को डायवर्ट करने का भी इंतजाम नहीं किया गया था। इसके चलते छटीकरा से लेकर विद्यापीठ मार्ग तक कई जगह जाम लगा रहा।