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UP: मथुरा में एक ऐसा भी स्कूल...कॉपी-किताब की जगह हाथ में जूते और चप्पल लेकर आते हैं छात्र, देख लें ये तस्वीर
Sat, 01 Feb 2025 12:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:29 PM IST
सार
मथुरा में गांवों के विकास को लेकर तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर अलग तस्वीर दिखने को मिलती है। गांव फिरोजपुर के सरकारी स्कूल जाते बच्चों की ये तस्वीर देखकर आप हैरान रह जाएंगे। यहां बच्चों के हाथ में किताब-कॉपी की जगह जूते और चप्पल दिखाई दे रहे हैं।
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नौहझील में हाथ में जूते-चप्पल लेकर कीचड़ से गुजरते बच्चे।
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विस्तार
मथुरा के नौहझील के गांव फिरोजपुर में मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ है। ऐसे में इसी राह से होकर बच्चों को स्कूल जाना मजबूरी है। फिसलन की वजह से गिरकर अक्सर विद्यार्थियों के कपड़े खराब हो जाते हैं। जूते-मोजे भी भींग जाते हैं। मजबूरन बच्चे जूते-मोजे व चप्पल उतार कर हाथ में ले लेते हैं। यही नहीं इस राह पर अक्सर गिरकर राहगीर भी चोटिल हो जाते हैं।
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लगभग 2 हजार की आबादी वाले फिरोजपुर गांव से गुजरने वाले इस मार्ग से गांव मंगलखोह, अड्डा जाटव, अड्डा मीणा आदि गांव जुड़े हुए हैं। इसी रास्ते पर चार स्कूल हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय फिरोजपुर में 80, प्राथमिक विद्यालय मंगलखोह में 40, सरस्वती बाल विद्या मंदिर में 280 व सरस्वती शिशु मंदिर में 80 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। गांव में नाली न होने के चलते घरों का गंदा पानी सड़क पर भर जाता है। इससे स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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छात्र-छात्रा देवेंद्र, जयप्रकाश, राधारानी, नवीन, धर्मेंद्र, राधेश्याम, ललित, भावना बघेल, लक्ष्मी बघेल, भारती, पंकज, कान्हा, जगन, नैतिक, गीतेश, यश मीणा, कृष्ण कुमार, अनुज, मोहित कुमार, जीतू, सूरज, रमेश, रविंद्र व पवन ने बताया कि घर से स्कूल जाते-जाते समय कीचड़ में से होकर जाना पड़ पड़ता है। ग्रामीण योगेश, जितेंद्र शास्त्री, भूदेव प्रसाद शर्मा, लखन सिंह, ओमप्रकाश, देवीसिंह, महेश निषाद, वीरेंद्र आदि ने बताया कि प्रधान व अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
ये कहना है ग्राम प्रधान का
गांव फिरोजपुर के प्रधान भूदी का कहना है कि दबंग लोग तालाब की सफाई नहीं होने देते हैं। अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया जा चुका है, किसी ने कोई सुध नहीं ली।
गांव फिरोजपुर के प्रधान भूदी का कहना है कि दबंग लोग तालाब की सफाई नहीं होने देते हैं। अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया जा चुका है, किसी ने कोई सुध नहीं ली।
खंड विकास अधिकारी को तो कुछ पता ही नहीं...
खंड विकास अधिकारी सुमंत यादव ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ग्रामीणों को समस्या हो रही है तो पहुंचकर जांच की जाएगी। समस्या का समाधान कराया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी सुमंत यादव ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ग्रामीणों को समस्या हो रही है तो पहुंचकर जांच की जाएगी। समस्या का समाधान कराया जाएगा।
कच्ची मार्ग से रान्हेरा प्राथमिक विद्यालय पहुंच रहे बच्चे
रान्हेरा के प्राथमिक स्कूल जाने की सड़क कच्ची है। बारिश होने पर मार्ग पर कीचड़ हो जाती है। इस दौरान बच्चे बगल के पोखर के किनारे से होकर स्कूल पहुंचते हैं। इस दौरान बच्चों का पैर फिसलकर तालाब में गिरने का डर भी बना रहता है। गांव के रिंकू सिंह छौंकर, जितेंद्र कुमार सिंह, तेजवीर सिंह, राजवीर, सालिगराम एडवोकेट आदि ने बताया कि शिकायत के बाद भी मार्ग नहीं बना। सभी ने जिला प्रशासन से मार्ग को बनवाने की मांग की है। प्रधानाध्यापक रवेंद्र सिंह ने बताया कि मार्ग के संबंध में कई बार वे अफसरों को लिखित में दे चुके हैं। इसके बाद भी सुधार नहीं हुए। वहीं प्रधान योगेंद्र गौतम ने बताया कि हाल ही में विधायक निधि से कार्य कराने के लिए हाल ही में टेंडर हुआ। जल्द मार्ग का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
रान्हेरा के प्राथमिक स्कूल जाने की सड़क कच्ची है। बारिश होने पर मार्ग पर कीचड़ हो जाती है। इस दौरान बच्चे बगल के पोखर के किनारे से होकर स्कूल पहुंचते हैं। इस दौरान बच्चों का पैर फिसलकर तालाब में गिरने का डर भी बना रहता है। गांव के रिंकू सिंह छौंकर, जितेंद्र कुमार सिंह, तेजवीर सिंह, राजवीर, सालिगराम एडवोकेट आदि ने बताया कि शिकायत के बाद भी मार्ग नहीं बना। सभी ने जिला प्रशासन से मार्ग को बनवाने की मांग की है। प्रधानाध्यापक रवेंद्र सिंह ने बताया कि मार्ग के संबंध में कई बार वे अफसरों को लिखित में दे चुके हैं। इसके बाद भी सुधार नहीं हुए। वहीं प्रधान योगेंद्र गौतम ने बताया कि हाल ही में विधायक निधि से कार्य कराने के लिए हाल ही में टेंडर हुआ। जल्द मार्ग का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।