{"_id":"6ab582eed993c4428906ada4","slug":"insurance-company-faces-penalty-for-refusing-claim-on-stolen-bike-mathura-news-c-369-1-mt11002-153193-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: चोरी हुई बाइक का क्लेम न देना बीमा कंपनी को पड़ा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: चोरी हुई बाइक का क्लेम न देना बीमा कंपनी को पड़ा भारी
विज्ञापन
मथुरा। चोरी हुई बाइक का क्लेम न देना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को 40 हजार रुपये पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
बरसाना के प्रिया कुंज निवासी सुरेश ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में बाइक खरीदी थी। उन्होंने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस से बाइक का बीमा कराया। बीमा कंपनी ने 29 जून 2021 से 28 जून 2022 तक का बीमा किया। 23 मार्च 2022 की दोपहर राधाबाग से उनकी बाइक चोरी हो गई। पुलिस ने जांच के बाद 27 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की। उन्होंने बीमा कंपनी को क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी ने बाइक चोरी की सूचना देरी से देने का कारण बताते हुए क्लेम खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने 16 मई 2023 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक, अधिकृत प्रतिनिधि जैन मोटर साइकिल कंपनी अलवर ब्रिज के पास के खिलाफ वाद दायर किया।
आयोग अध्यक्ष नवनीत कुमार की अध्यक्षता में छवि सिंघल की बेंच ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान आयोग ने माना बीमा कंपनी को देरी से सूचना देना पॉलिसी शर्त का उल्लंघन तो है, लेकिन ऐसा मूलभूत उल्लंघन नहीं है कि जिससे संपूर्ण बीमा दावा खारिज किया जाए। आयोग ने बीमा कंपनी को 37 हजार 259 रुपये देने का आदेश दिया है। साथ ही वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये की धनराशि देने का भी आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 45 दिन में धनराशि न देने पर संपूर्ण धनराशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरसाना के प्रिया कुंज निवासी सुरेश ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में बाइक खरीदी थी। उन्होंने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस से बाइक का बीमा कराया। बीमा कंपनी ने 29 जून 2021 से 28 जून 2022 तक का बीमा किया। 23 मार्च 2022 की दोपहर राधाबाग से उनकी बाइक चोरी हो गई। पुलिस ने जांच के बाद 27 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की। उन्होंने बीमा कंपनी को क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी ने बाइक चोरी की सूचना देरी से देने का कारण बताते हुए क्लेम खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने 16 मई 2023 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक, अधिकृत प्रतिनिधि जैन मोटर साइकिल कंपनी अलवर ब्रिज के पास के खिलाफ वाद दायर किया।
विज्ञापन
आयोग अध्यक्ष नवनीत कुमार की अध्यक्षता में छवि सिंघल की बेंच ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान आयोग ने माना बीमा कंपनी को देरी से सूचना देना पॉलिसी शर्त का उल्लंघन तो है, लेकिन ऐसा मूलभूत उल्लंघन नहीं है कि जिससे संपूर्ण बीमा दावा खारिज किया जाए। आयोग ने बीमा कंपनी को 37 हजार 259 रुपये देने का आदेश दिया है। साथ ही वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये की धनराशि देने का भी आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 45 दिन में धनराशि न देने पर संपूर्ण धनराशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देनी होगी।
विज्ञापन