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घंटों उपचार और एंबुलेंस के लिए तड़पे घायल
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 06 Aug 2016 12:31 AM IST
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उपचार और एंबुलेंस के लिए तड़पे घायल
- फोटो : अमर उजाला
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महावन के निकट श्रद्धालुओं से भरी बस पलटने में मौत का शिकार हुई जावित्री और मासूम सोनू आपस में दादी-नाती थे। बताया गया है कि हादसे के दौरान सोनू अपनी दादी की गोद में ही था। करीब चार बजे दाऊजी मंदिर में दर्शन के बाद जावित्री ने नाती सोनू को गोद में ले लिया था।
इससे पहले सोनू अपनी मां गुड़िया देवी की गोद में ही था। हादसे में बस के नीचे दबने से जावित्री और उसकी गोद में बैठे मासूम सोनू की मौत हो गई। अस्पताल में गुड़िया देवी ने रोते हुए बताया कि मेरा बेटे को मौत ने अपने पास बुला लिया। सास खिड़की के सहारे बैठकर सोनू को बाहर का दृश्य दिखाकर बहला रही थीं कि इसी दौरान मौत के झपट्टे ने दोनों को उससे बहुत दूर कर दिया।
करीब 50 मीटर तक घिसटी बस
बस के अंदर बैठे घायल हाकिम ने बताया कि वह बस के बीच में बैठे थे कि इसी दौरान अचानक बस लहरा गई। पहली बार तो बस संभल गई लेकिन दूसरी बार में बस एक तरफ पलट गई और फिर करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई। इसके चलते बस में चीख पुकार मच गई।
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हर वर्ष आते हैं तीज पर दर्शन करने
हाथरस के मेंडू से आए हाकिम ने बताया कि वह कई वर्षों से हरियाली तीज पर ब्रज दर्शन के लिए आते हैं। शुक्रवार को वह करीब 12 बजे गांव से चले थे। उनके साथ आसपास के गांवों से करीब 20 बस चलीं थी। सभी में महिला, पुरुष और बच्चे सवार थे। करीब ढाई बजे वह बलदेव आ गए लेकिन यहां मंदिर के पट बंद मिले। चार बजे तक पट खुलने का इंतजार किया। यहां दर्शन करने के बाद महावन स्थित रमणरेती के लिए निकले थे।
भाग गया बस चालक
बस में सवार हाकिम ने बताया कि बस पलटने के बाद जैसे ही बस रुकी तभी बस चालक अपनी खिड़की का कांच तोड़कर वहां से निकला और भाग खड़ा हुआ। बस का परिचालक मूक-बधिर था।
मथुरा की थी बस
ब्रज दर्शन के लिए हाथरस से मथुरा आई बस मथुरा के सौंख अड्डा स्थित जय दुर्गे ट्रैवल्स से बुक की गई थी। यह बस करीब एक माह पहले बुक की गई। इसके साथ ही अन्य बसें भी बुक हुई थीं।
घंटों उपचार और एंबुलेंस के लिए तड़पे घायल
थाना महावन क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटने के बाद सहायता के लिए घायल एक घंटे तक कराहते रहे। राहगीरों व आसपास के लोगों ने वाहनों को रोक कर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना के एक घंटे बाद महावन पुलिस और एंबुलेंस सहायता के लिए पहुंच सकीं। इस स्थिति में राहगीरों ने मौके से गुजर रहे चौपहिया वाहनों को रोक कर घायलों को बलदेव और अमीपुर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया।
वाहन चेकिंग के दावों की खुली पोल
जिले में रोजाना हो रही वाहन चेकिंग की पोल थाना महावन में हुए हादसे ने खोल दी है। हाथरस से 70 लोगों को लेकर चली बस मथुरा तक आ गई। बस की छत पर 20 से अधिक लोग बैठे थे। इसमें मथुरा जिले में बस सोनाई से बिचपुरी चौकी, थाना राया, थाना बलदेव होते हुए थाना महावन की सीमा में मथुरा रोड पर 50 किमी यात्रा तक यात्रा पूरी की।
इस दौरान तीन थाना व एक चौकी से किसी भी पुलिसकर्मी ने ओवरलोड बस को रोकने की जहमत तक नहीं उठाई। अगर किसी पुलिस कर्मी ने बस को रोक कर उसमें से ओवरलोड सवारियों को उतार दिया होता तो संभव था कि घायलों की संख्या कम हो जाती।
इससे पहले सोनू अपनी मां गुड़िया देवी की गोद में ही था। हादसे में बस के नीचे दबने से जावित्री और उसकी गोद में बैठे मासूम सोनू की मौत हो गई। अस्पताल में गुड़िया देवी ने रोते हुए बताया कि मेरा बेटे को मौत ने अपने पास बुला लिया। सास खिड़की के सहारे बैठकर सोनू को बाहर का दृश्य दिखाकर बहला रही थीं कि इसी दौरान मौत के झपट्टे ने दोनों को उससे बहुत दूर कर दिया।
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करीब 50 मीटर तक घिसटी बस
बस के अंदर बैठे घायल हाकिम ने बताया कि वह बस के बीच में बैठे थे कि इसी दौरान अचानक बस लहरा गई। पहली बार तो बस संभल गई लेकिन दूसरी बार में बस एक तरफ पलट गई और फिर करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई। इसके चलते बस में चीख पुकार मच गई।
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हर वर्ष आते हैं तीज पर दर्शन करने
हाथरस के मेंडू से आए हाकिम ने बताया कि वह कई वर्षों से हरियाली तीज पर ब्रज दर्शन के लिए आते हैं। शुक्रवार को वह करीब 12 बजे गांव से चले थे। उनके साथ आसपास के गांवों से करीब 20 बस चलीं थी। सभी में महिला, पुरुष और बच्चे सवार थे। करीब ढाई बजे वह बलदेव आ गए लेकिन यहां मंदिर के पट बंद मिले। चार बजे तक पट खुलने का इंतजार किया। यहां दर्शन करने के बाद महावन स्थित रमणरेती के लिए निकले थे।
भाग गया बस चालक
बस में सवार हाकिम ने बताया कि बस पलटने के बाद जैसे ही बस रुकी तभी बस चालक अपनी खिड़की का कांच तोड़कर वहां से निकला और भाग खड़ा हुआ। बस का परिचालक मूक-बधिर था।
मथुरा की थी बस
ब्रज दर्शन के लिए हाथरस से मथुरा आई बस मथुरा के सौंख अड्डा स्थित जय दुर्गे ट्रैवल्स से बुक की गई थी। यह बस करीब एक माह पहले बुक की गई। इसके साथ ही अन्य बसें भी बुक हुई थीं।
घंटों उपचार और एंबुलेंस के लिए तड़पे घायल
थाना महावन क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटने के बाद सहायता के लिए घायल एक घंटे तक कराहते रहे। राहगीरों व आसपास के लोगों ने वाहनों को रोक कर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना के एक घंटे बाद महावन पुलिस और एंबुलेंस सहायता के लिए पहुंच सकीं। इस स्थिति में राहगीरों ने मौके से गुजर रहे चौपहिया वाहनों को रोक कर घायलों को बलदेव और अमीपुर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया।
वाहन चेकिंग के दावों की खुली पोल
जिले में रोजाना हो रही वाहन चेकिंग की पोल थाना महावन में हुए हादसे ने खोल दी है। हाथरस से 70 लोगों को लेकर चली बस मथुरा तक आ गई। बस की छत पर 20 से अधिक लोग बैठे थे। इसमें मथुरा जिले में बस सोनाई से बिचपुरी चौकी, थाना राया, थाना बलदेव होते हुए थाना महावन की सीमा में मथुरा रोड पर 50 किमी यात्रा तक यात्रा पूरी की।
इस दौरान तीन थाना व एक चौकी से किसी भी पुलिसकर्मी ने ओवरलोड बस को रोकने की जहमत तक नहीं उठाई। अगर किसी पुलिस कर्मी ने बस को रोक कर उसमें से ओवरलोड सवारियों को उतार दिया होता तो संभव था कि घायलों की संख्या कम हो जाती।