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Mathura News: समावेशी शिक्षा ने उलझाए परीक्षार्थी
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मथुरा। डीएलएड (तृतीय सेमेस्टर-2026) की परीक्षाएं बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुईं। प्रथम पाली में शैक्षिक मूल्यांकन क्रियात्मक शोध एवं नवाचार का स्तर काफी सरल और सामान्य रहा, जिससे अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। दूसरी पाली में समावेशी शिक्षा का स्तर कठिन रहने से कई छात्र-छात्राएं उलझन में नजर आए।
परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने बताया कि सुबह की पाली का पेपर सामान्य और पिछले वर्षों के प्रश्नों पर आधारित होने के कारण ठीक रहा, जबकि दूसरी पाली का पेपर थोड़ा कठिन लगा। प्रथम पाली में ब्लूम की टैक्सोनॉमी, परिकल्पना, उत्तम परीक्षण की विशेषता और ब्लू प्रिंट से जुड़े सीधे प्रश्न पूछे गए थे, जिन्हें अभ्यर्थियों ने आसानी से हल कर लिया। दूसरी पाली में समावेशी शिक्षा के प्रश्न-पत्र ने परीक्षार्थियों की कड़ी परीक्षा ली, जिसने अभ्यर्थियों को उलझाया।
अभ्यर्थियों ने बताया कि द्वितीय प्रश्न-पत्र में टीएटी परीक्षण, शैक्षणिक लब्धि का सूत्र तथा दृष्टि बाधितों हेतु टेलर-प्रेम के उपयोग जैसे कई तकनीकी एवं गहराई से पूछे गए प्रश्नों के कारण समय प्रबंधन में भी काफी चुनौती आई। डायट के प्रभारी प्राचार्य जमुना प्रसाद ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हिमांशु रावत ने बताया कि प्रथम पाली में कुल पंजीकृत 3091 अभ्यर्थियों में से 2974 उपस्थित और 117 अनुपस्थित रहे, वहीं द्वितीय पाली में कुल 3071 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2967 ने परीक्षा दी और 104 अनुपस्थित रहे।
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प्रथम पाली का पेपर सरल और पाठ्यक्रम के अनुरूप था कि सभी प्रश्नों को देखकर पढ़ाई की सारी मेहनत सफल हो गई। - यश शर्मा, संगम कॉलोनी, मथुरा
द्वितीय पाली में समावेशी शिक्षा के प्रश्न गहराई से पूछे गए थे, तकनीकी और वैचारिक प्रश्नों से समय प्रबंधन में परेशानी हुई। - आकाश चौधरी, चंदनवन, मथुरा
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परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने बताया कि सुबह की पाली का पेपर सामान्य और पिछले वर्षों के प्रश्नों पर आधारित होने के कारण ठीक रहा, जबकि दूसरी पाली का पेपर थोड़ा कठिन लगा। प्रथम पाली में ब्लूम की टैक्सोनॉमी, परिकल्पना, उत्तम परीक्षण की विशेषता और ब्लू प्रिंट से जुड़े सीधे प्रश्न पूछे गए थे, जिन्हें अभ्यर्थियों ने आसानी से हल कर लिया। दूसरी पाली में समावेशी शिक्षा के प्रश्न-पत्र ने परीक्षार्थियों की कड़ी परीक्षा ली, जिसने अभ्यर्थियों को उलझाया।
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अभ्यर्थियों ने बताया कि द्वितीय प्रश्न-पत्र में टीएटी परीक्षण, शैक्षणिक लब्धि का सूत्र तथा दृष्टि बाधितों हेतु टेलर-प्रेम के उपयोग जैसे कई तकनीकी एवं गहराई से पूछे गए प्रश्नों के कारण समय प्रबंधन में भी काफी चुनौती आई। डायट के प्रभारी प्राचार्य जमुना प्रसाद ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हिमांशु रावत ने बताया कि प्रथम पाली में कुल पंजीकृत 3091 अभ्यर्थियों में से 2974 उपस्थित और 117 अनुपस्थित रहे, वहीं द्वितीय पाली में कुल 3071 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2967 ने परीक्षा दी और 104 अनुपस्थित रहे।
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प्रथम पाली का पेपर सरल और पाठ्यक्रम के अनुरूप था कि सभी प्रश्नों को देखकर पढ़ाई की सारी मेहनत सफल हो गई। - यश शर्मा, संगम कॉलोनी, मथुरा
द्वितीय पाली में समावेशी शिक्षा के प्रश्न गहराई से पूछे गए थे, तकनीकी और वैचारिक प्रश्नों से समय प्रबंधन में परेशानी हुई। - आकाश चौधरी, चंदनवन, मथुरा