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अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल से नाराज हुई कायाकल्प टीम
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मथुरा। जिला संयुक्त चिकित्सालय में निरीक्षण करती कायाकल्प सर्वे टीम, साथ में सीएमएस डॉ. केके गुप?
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। जिला संयुक्त चिकित्सालय में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की कायाकल्प की तीन सदस्यीय सर्वे टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने हड़ताल की कड़े शब्दों में निंदा की और कर्मचारियों को उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर अर्थदंड लगाए जाने का अस्पताल प्रबंधन को सुझाव दिया।
शुक्रवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में कायाकल्प सर्वे टीम में शामिल डॉ. एके पालीवाल, डॉ. एएस त्रिपाठी एवं शिशुपाल ने वार्ड, दवा स्टोर, अल्ट्रासाउंड ब्लॉक, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी ब्लॉक का निरीक्षण किया। यहां मौजूद अधिकारी एवं कर्मचारियों से भी पूछताछ कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता व रखरखाव के बारे में जानकारी ली।
टीम के वरिष्ठ सदस्य डॉ. एके पालीवाल ने कहा कि अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल निंदनीय है। हड़ताल एक तरह से विभाग को ब्लैकमेल करना है। अस्पताल प्रबंधन को कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी सन फेसिलिटी सर्विस पर अर्थदंड लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ व्यवस्थाएं बेहतर हैं इससे प्रदेश के दूसरे अस्पताल भी सीख ले सकते हैं। टीम ने अस्पताल प्रबंधन को सुझाव दिया कि नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड के लिए प्रयास करें। वहीं ठेका सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही।
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निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. केके गुप्ता, डॉ. पीयूष चौबे, डॉ. एके गुप्ता, अनिल पारीक आदि उपस्थित थे।
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शुक्रवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में कायाकल्प सर्वे टीम में शामिल डॉ. एके पालीवाल, डॉ. एएस त्रिपाठी एवं शिशुपाल ने वार्ड, दवा स्टोर, अल्ट्रासाउंड ब्लॉक, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी ब्लॉक का निरीक्षण किया। यहां मौजूद अधिकारी एवं कर्मचारियों से भी पूछताछ कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता व रखरखाव के बारे में जानकारी ली।
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टीम के वरिष्ठ सदस्य डॉ. एके पालीवाल ने कहा कि अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल निंदनीय है। हड़ताल एक तरह से विभाग को ब्लैकमेल करना है। अस्पताल प्रबंधन को कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी सन फेसिलिटी सर्विस पर अर्थदंड लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ व्यवस्थाएं बेहतर हैं इससे प्रदेश के दूसरे अस्पताल भी सीख ले सकते हैं। टीम ने अस्पताल प्रबंधन को सुझाव दिया कि नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड के लिए प्रयास करें। वहीं ठेका सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही।
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निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. केके गुप्ता, डॉ. पीयूष चौबे, डॉ. एके गुप्ता, अनिल पारीक आदि उपस्थित थे।