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आज से बांकेबिहारी खेलेंगे भक्तों संग होली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Mar 2017 12:16 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
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जनजन के आराध्य ठाकुर श्री बांकेबिहारी महाराज रंगभरनी एकादशी आठ मार्च से होली खेलेंगे। जगमोहन में निकल श्वेत पोशाक धारण कर अपने रजत सिंहासन पर विराजित होकर वो भक्तों पर रंग बरसाएंगे।
सेवायत आचार्य प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी जी के लिए शुद्ध केसर का रंग बनाया जाता है। सेवायत सबसे पहले स्वर्ण-रजत निर्मित पिचकारी से श्वेत वस्त्र धारण किए हुए ठाकुर बांकेबिहारी के ऊपर रंग डालते हैं। इसके बाद होली का परंपरागत शुभारंभ होता है। ये होली रंगभरनी एकादशी से शुरू होकर पूर्णिमा की शाम तक होती है। उन्होंने बताया कि होली के दौरान ठाकुरजी को चाट, ठंडाई, जलेबी का विशेष भोग लगाया जाएगा।
मंदिर सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि धूलैड़ी वाले दिन ठाकुरजी भक्तों पर रंग नहीं डालते। वो स्वर्ण सिंहासन पर गुलाबी पोशाक पहनकर राजा बनकर बैठते हैं और भक्तों को होली खेलते देखते हैं। इसी दिन सुबह मंदिर के सेवायत क्षेत्र में चौपाई (भ्रमण) निकालते हैं। समाज गायन के साथ बाधाई गीत गाए जाते हैं।
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इन मंदिरों में भी होगा टेसू के रंगों का प्रयोग
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के साथ ही राधाबल्लभ, राधादामोदर, राधाश्याम सुंदर, राधारमण मंदिर, राधागोपीनाथ, राधासनेह बिहारी, मदनमोहन मंदिर, यशोदानंदन धाम, गोदाहरिदेव दिव्य देश आदि मंदिरों में टेसू के रंगों का प्रयोग होगा।
रंगीली होली शोभायात्रा निकलेगी आज
रंगभरनी एकादशी पर्व पर प्रतिवर्ष राधाबल्लभ मंदिर से निकाली जाने वाली परंपरागत प्रिया प्रियतम की रंगीली होली शोभायात्रा 8 मार्च को अपराह्न एक बजे से प्रारंभ होगी। शोभायात्रा में प्रिया प्रियतम सुसज्जित रथ पर सवार होकर भक्तों संग होली खेलने के लिए नगर का भ्रमण करेंगे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मंदिर प्रांगण में आकर समाप्त होगी।
बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वनवे व्यवस्था
रंगभरनी एकादशी पर आठ मार्च को वृंदावन में उमड़ने वाली भीड़ को देखते ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वनवे व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत श्रद्धालुओं को एक गेट से प्रवेश और दूसरे रास्ते से निकासी दी जाएगी। मंगलवार को एसपी सिटी अशोक कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव ने कोतवाली में बैठक कर इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन की वनवे व्यवस्था में विद्यापीठ बिहारी पुलिस चौकी की ओर से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर-3 से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। परिक्रमा मार्ग वीआईपी रोड से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर-2 से अंदर जाएंगे। सभी श्रद्धालुओं को गेट नंबर-1 और 4 से मंदिर से बाहर निकाला जाएगा। गेट नंबर-5 को इमरजेंसी में और सेवायत गोस्वामियों के लिए ही खोला जाएगा।
व्यवस्था के लिहाज से वृंदावन को 4 सेक्टर में बांटा गया है। वृंदावन पानीगांव पुल पर पिछले वर्ष जाम से बिगड़े हालात को देखते हुए वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। परिक्रमा मार्ग में भी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। मांट पुल से भी वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक के अनुसार मंदिर पहुंच मार्ग पर वीआईपी रोड, किशोरपुरा और विद्यापीठ चौराहे पर जूताघर बनाए जा रहे हैं।
बाहर से बुलाया फोर्स
वृंदावन में सुरक्षा की दृष्टिगत बाहरी जनपदों से पुलिस फोर्स को बुलाया गया है। 5 सीओ, 4 इंस्पेक्टर, 35 सब इंस्पेक्टर, 294 सिपाही, 4 महिला इंस्पेक्टर, 25 ट्रैफिक पुलिस के सिपाही, 1 कंपनी पीएसी को सुरक्षा में लगाया गया है।
जन्मस्थान पर छाएंगे गुलाल के बदरा
रंगभरनी एकादशी पर आठ मार्च को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठामार होली के साथ रंग-गुलाल उडे़गा। यहां लीला मंच पर होली की उमंग में सराबोर कलाकार गीत, संगीत और नृत्य के बीच होली के आयोजन को भव्यता प्रदान करेंगे।
ब्रज की रंगीली होली में बरसाना और नंदगांव के बाद रंगभरनी एकादशी के दिन श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होली होगी। कृष्ण के भक्त रंग-गुलाल के साथ फूलों से भी होली खेलेंगे। आधुनिक मशीनों से उड़ाया गुलाल भक्तों को आनंदित करेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि तैयारी पूरी कर ली हैं। ढाल, ढोल, नगाडे़ तैयार हैं।
रावल और श्रीकृष्ण संकीर्तन मंडल के हुरियारे और हुरियारिनें यहां लठामार होली खेलेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर दो बजे कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज करेंगे। होली समिति के अध्यक्ष किशोर भरतिया ने बताया कि फूलों की होली ब्रज और राजस्थान के कलाकार प्रस्तुत करेंगे।
द्वारिकाधीश कुंज में विराजकर खेलेंगे होली
ठाकुर द्वारिकाधीश रंगभरनी एकादशी को कुंज में विराजकर होली खेलेंगे। द्वारिकाधीश मंदिर में बसंत पंचमी से होली गायन लगातार जारी है। मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि बुधवार को ठाकुर जी के लिए कुंज बनाई गई है। जहां भक्त ठाकुर जी से होली खेलेंगे।
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सेवायत आचार्य प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी जी के लिए शुद्ध केसर का रंग बनाया जाता है। सेवायत सबसे पहले स्वर्ण-रजत निर्मित पिचकारी से श्वेत वस्त्र धारण किए हुए ठाकुर बांकेबिहारी के ऊपर रंग डालते हैं। इसके बाद होली का परंपरागत शुभारंभ होता है। ये होली रंगभरनी एकादशी से शुरू होकर पूर्णिमा की शाम तक होती है। उन्होंने बताया कि होली के दौरान ठाकुरजी को चाट, ठंडाई, जलेबी का विशेष भोग लगाया जाएगा।
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मंदिर सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि धूलैड़ी वाले दिन ठाकुरजी भक्तों पर रंग नहीं डालते। वो स्वर्ण सिंहासन पर गुलाबी पोशाक पहनकर राजा बनकर बैठते हैं और भक्तों को होली खेलते देखते हैं। इसी दिन सुबह मंदिर के सेवायत क्षेत्र में चौपाई (भ्रमण) निकालते हैं। समाज गायन के साथ बाधाई गीत गाए जाते हैं।
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इन मंदिरों में भी होगा टेसू के रंगों का प्रयोग
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के साथ ही राधाबल्लभ, राधादामोदर, राधाश्याम सुंदर, राधारमण मंदिर, राधागोपीनाथ, राधासनेह बिहारी, मदनमोहन मंदिर, यशोदानंदन धाम, गोदाहरिदेव दिव्य देश आदि मंदिरों में टेसू के रंगों का प्रयोग होगा।
रंगीली होली शोभायात्रा निकलेगी आज
रंगभरनी एकादशी पर्व पर प्रतिवर्ष राधाबल्लभ मंदिर से निकाली जाने वाली परंपरागत प्रिया प्रियतम की रंगीली होली शोभायात्रा 8 मार्च को अपराह्न एक बजे से प्रारंभ होगी। शोभायात्रा में प्रिया प्रियतम सुसज्जित रथ पर सवार होकर भक्तों संग होली खेलने के लिए नगर का भ्रमण करेंगे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मंदिर प्रांगण में आकर समाप्त होगी।
बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वनवे व्यवस्था
रंगभरनी एकादशी पर आठ मार्च को वृंदावन में उमड़ने वाली भीड़ को देखते ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वनवे व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत श्रद्धालुओं को एक गेट से प्रवेश और दूसरे रास्ते से निकासी दी जाएगी। मंगलवार को एसपी सिटी अशोक कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव ने कोतवाली में बैठक कर इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन की वनवे व्यवस्था में विद्यापीठ बिहारी पुलिस चौकी की ओर से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर-3 से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। परिक्रमा मार्ग वीआईपी रोड से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर-2 से अंदर जाएंगे। सभी श्रद्धालुओं को गेट नंबर-1 और 4 से मंदिर से बाहर निकाला जाएगा। गेट नंबर-5 को इमरजेंसी में और सेवायत गोस्वामियों के लिए ही खोला जाएगा।
व्यवस्था के लिहाज से वृंदावन को 4 सेक्टर में बांटा गया है। वृंदावन पानीगांव पुल पर पिछले वर्ष जाम से बिगड़े हालात को देखते हुए वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। परिक्रमा मार्ग में भी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। मांट पुल से भी वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक के अनुसार मंदिर पहुंच मार्ग पर वीआईपी रोड, किशोरपुरा और विद्यापीठ चौराहे पर जूताघर बनाए जा रहे हैं।
बाहर से बुलाया फोर्स
वृंदावन में सुरक्षा की दृष्टिगत बाहरी जनपदों से पुलिस फोर्स को बुलाया गया है। 5 सीओ, 4 इंस्पेक्टर, 35 सब इंस्पेक्टर, 294 सिपाही, 4 महिला इंस्पेक्टर, 25 ट्रैफिक पुलिस के सिपाही, 1 कंपनी पीएसी को सुरक्षा में लगाया गया है।
जन्मस्थान पर छाएंगे गुलाल के बदरा
रंगभरनी एकादशी पर आठ मार्च को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठामार होली के साथ रंग-गुलाल उडे़गा। यहां लीला मंच पर होली की उमंग में सराबोर कलाकार गीत, संगीत और नृत्य के बीच होली के आयोजन को भव्यता प्रदान करेंगे।
ब्रज की रंगीली होली में बरसाना और नंदगांव के बाद रंगभरनी एकादशी के दिन श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होली होगी। कृष्ण के भक्त रंग-गुलाल के साथ फूलों से भी होली खेलेंगे। आधुनिक मशीनों से उड़ाया गुलाल भक्तों को आनंदित करेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि तैयारी पूरी कर ली हैं। ढाल, ढोल, नगाडे़ तैयार हैं।
रावल और श्रीकृष्ण संकीर्तन मंडल के हुरियारे और हुरियारिनें यहां लठामार होली खेलेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर दो बजे कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज करेंगे। होली समिति के अध्यक्ष किशोर भरतिया ने बताया कि फूलों की होली ब्रज और राजस्थान के कलाकार प्रस्तुत करेंगे।
द्वारिकाधीश कुंज में विराजकर खेलेंगे होली
ठाकुर द्वारिकाधीश रंगभरनी एकादशी को कुंज में विराजकर होली खेलेंगे। द्वारिकाधीश मंदिर में बसंत पंचमी से होली गायन लगातार जारी है। मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि बुधवार को ठाकुर जी के लिए कुंज बनाई गई है। जहां भक्त ठाकुर जी से होली खेलेंगे।