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अहमदाबाद की कंपनी तय करेगी हेरिटेज सिटी की सूरत
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 02 Dec 2015 11:49 PM IST
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भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा के डेवलपमेंट का खाका तैयार करने का जिम्मा अहमदाबाद की कंपनी ‘डिजाइन एंड प्लानिंग काउंसेल प्रालि.’ को दिया गया गया है। बुधवार को छह कंपनियों ने इस संबंध में प्रेजेंटेशन दिया था।
मथुरा हेरिटेज सिटी के विकास की योजना अब जल्द ही पटरी पर नजर आएगी। अब तक जिस काम के लिए भारत सरकार बार-बार दिशा-निर्देश दे रही थी, आखिरकार बुधवार को उसके लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया।
देशभर की प्रतिष्ठित नौ कंपनियों ने मथुरा हेरिटेज का डीपीआर तैयार करने की इच्छा जताई थी। इसमें से छह कंपनियों को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार को प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया।
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प्रजेंटेशन का दौर दोपहर 12 बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक चला। इस दौरान तीन कंपनियों को फाइनेंशियल टेंडर के लिए अधिकृत किया गया। इसमें अहमदाबाद की कंपनी ‘डिजाइन एंड प्लानिंग काउंसेल प्रालि.’ ने बाजी मार ली।
ये कंपनी गुजरात के साथ आसाम सहित देश के कई शहरों में हेरिटेज पर काम कर रही है। अब इसे मथुरा हेरिटेज सिटी के लिए चयनित क्षेत्रों पर काम करना है। कंपनी को 45 से 60 दिन में अपना डीपीआर तैयार करना होगा। हालांकि कंपनी ने चयनित क्षेत्रों के विकास का प्रारंभिक खाका सभी के सामने प्रस्तुत कर दिया।
छह घंटे तक चली चयन की इस प्रक्रिया के दौरान डीएम राजेश कुमार, सीडीओ मनीष वर्मा, एमवीडीए सचिव एसबी सिंह, पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव, आर्किटेक्ट एंड प्लानर मयंक गर्ग, अनंत शर्मा, राधाकांत गोस्वामी, गौरव गोला सहित मथुरा-वृंदावन के ईओ मौजूद रहे।
कंपनी तय करेगी विकास की प्राथमिकताएं
मथुरा हेरिटेज सिटी में चयनित स्थलों के विकास के लिए क्या आवश्यकता है, यह कंपनी बताएगी। कंपनी ही तय करेगी कि तंग रास्तों के चलते द्वारिकाधीश मंदिर से दूर हो रहे बाहर के भक्तों को कैसे पहुंचाया जाएगा।
विश्रामघाट पर देश और विदेश के लोगों को कैसे आकर्षित किया जाए। इन्हीं आवश्यकताओं की डीपीआर कंपनी को तैयार करनी है।
40 करोड़ को डीपीआर का इंतजार
भारत सरकार ने मथुरा हेरिटेज के लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके उपयोग के लिए डीपीआर का इंतजार किया जा रहा है। उक्त कंपनी से डीपीआर बनने के बाद यह राशि मथुरा के लिए जारी कर दी जाएगी।
केंद्र बिंदु
-श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र
-विश्रामघाट
-द्वारिकाधीश मंदिर क्षेत्र
-शिवताल
-शहर के चौराहे
-वृंदावन क्षेत्र
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मथुरा हेरिटेज सिटी के विकास की योजना अब जल्द ही पटरी पर नजर आएगी। अब तक जिस काम के लिए भारत सरकार बार-बार दिशा-निर्देश दे रही थी, आखिरकार बुधवार को उसके लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया।
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देशभर की प्रतिष्ठित नौ कंपनियों ने मथुरा हेरिटेज का डीपीआर तैयार करने की इच्छा जताई थी। इसमें से छह कंपनियों को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार को प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया।
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प्रजेंटेशन का दौर दोपहर 12 बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक चला। इस दौरान तीन कंपनियों को फाइनेंशियल टेंडर के लिए अधिकृत किया गया। इसमें अहमदाबाद की कंपनी ‘डिजाइन एंड प्लानिंग काउंसेल प्रालि.’ ने बाजी मार ली।
ये कंपनी गुजरात के साथ आसाम सहित देश के कई शहरों में हेरिटेज पर काम कर रही है। अब इसे मथुरा हेरिटेज सिटी के लिए चयनित क्षेत्रों पर काम करना है। कंपनी को 45 से 60 दिन में अपना डीपीआर तैयार करना होगा। हालांकि कंपनी ने चयनित क्षेत्रों के विकास का प्रारंभिक खाका सभी के सामने प्रस्तुत कर दिया।
छह घंटे तक चली चयन की इस प्रक्रिया के दौरान डीएम राजेश कुमार, सीडीओ मनीष वर्मा, एमवीडीए सचिव एसबी सिंह, पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव, आर्किटेक्ट एंड प्लानर मयंक गर्ग, अनंत शर्मा, राधाकांत गोस्वामी, गौरव गोला सहित मथुरा-वृंदावन के ईओ मौजूद रहे।
कंपनी तय करेगी विकास की प्राथमिकताएं
मथुरा हेरिटेज सिटी में चयनित स्थलों के विकास के लिए क्या आवश्यकता है, यह कंपनी बताएगी। कंपनी ही तय करेगी कि तंग रास्तों के चलते द्वारिकाधीश मंदिर से दूर हो रहे बाहर के भक्तों को कैसे पहुंचाया जाएगा।
विश्रामघाट पर देश और विदेश के लोगों को कैसे आकर्षित किया जाए। इन्हीं आवश्यकताओं की डीपीआर कंपनी को तैयार करनी है।
40 करोड़ को डीपीआर का इंतजार
भारत सरकार ने मथुरा हेरिटेज के लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके उपयोग के लिए डीपीआर का इंतजार किया जा रहा है। उक्त कंपनी से डीपीआर बनने के बाद यह राशि मथुरा के लिए जारी कर दी जाएगी।
केंद्र बिंदु
-श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र
-विश्रामघाट
-द्वारिकाधीश मंदिर क्षेत्र
-शिवताल
-शहर के चौराहे
-वृंदावन क्षेत्र