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हेरिटेज सिटी की राह में अनियोजित विकास का रोड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 19 Jan 2016 10:02 PM IST
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देश के मानचित्र पर मथुरा को हेरिटेज सिटी के रूप में स्थापित करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा शहर का अनियोजित विकास बनने जा रहा है। मथुरा में हालात कितने गंभीर हैं ये इस तथ्य से ही पता चलता है कि यहां अवैध कालोनियों की संख्या स्वीकृत कालोनियों से अधिक है। विप्रा ने इन अवैध कालोनियों को चिह्नित किया है।
आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था परिवर्तन की ओर से मांगी गई सूचना में विकास प्राधिकरण ने ये जानकारी उपलब्ध कराई। विकास प्राधिकरण की सीमा में अवैध कालोनी और मानचित्र स्वीकृत कालोनी की संख्या पर विप्रा के जनसूचना अधिकारी ने अवगत कराया है कि विप्रा की ओर से कराए गए सर्वे में 220 अवैध कालोनी चिह्नित की गईं।
अवैध कालोनियों पर कार्रवाई के सवाल पर अफसरों ने सिर्फ इतना कहा कि समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है। वहीं मानचित्र स्वीकृत कालोनियों के बारे में बताया गया कि इनकी संख्या 213 है। इधर रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां और कामर्शियल क्षेत्र में आशियाना बनाया जाना भी आम हो गया है।
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यमुना की खादर में भी
यमुना की खादरों में भी अवैध कालोनी बन गई हैं। इनमें सरकारी विभागों ने विकास कार्य भी करा दिए हैं। इन कालोनियों का सीवर और गंदा जल सीधे यमुना में समा रहा है। कार्रवाई के नाम पर मात्र औपचारिकता निभाई जा रही है।
महोली रोड पर भी 12 कालोनी
विप्रा ने जो सूची उपलब्ध कराई है उसमें शहर के बीच महोली रोड पर भी 12 अवैध कालोनी चिह्नित की गई हैं। इनमें गुरु नगर, शारदा नगर, कांता पुरी, मंसापुरी, विजय नगर, प्रताप नगर ईस्ट, प्रताप नगर वेस्ट, शांती नगर, शिवपुरी, आदर्श नगर, गोपाल नगर, आशापुरी, देव नगर शामिल हैं।
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आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था परिवर्तन की ओर से मांगी गई सूचना में विकास प्राधिकरण ने ये जानकारी उपलब्ध कराई। विकास प्राधिकरण की सीमा में अवैध कालोनी और मानचित्र स्वीकृत कालोनी की संख्या पर विप्रा के जनसूचना अधिकारी ने अवगत कराया है कि विप्रा की ओर से कराए गए सर्वे में 220 अवैध कालोनी चिह्नित की गईं।
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अवैध कालोनियों पर कार्रवाई के सवाल पर अफसरों ने सिर्फ इतना कहा कि समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है। वहीं मानचित्र स्वीकृत कालोनियों के बारे में बताया गया कि इनकी संख्या 213 है। इधर रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां और कामर्शियल क्षेत्र में आशियाना बनाया जाना भी आम हो गया है।
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यमुना की खादर में भी
यमुना की खादरों में भी अवैध कालोनी बन गई हैं। इनमें सरकारी विभागों ने विकास कार्य भी करा दिए हैं। इन कालोनियों का सीवर और गंदा जल सीधे यमुना में समा रहा है। कार्रवाई के नाम पर मात्र औपचारिकता निभाई जा रही है।
महोली रोड पर भी 12 कालोनी
विप्रा ने जो सूची उपलब्ध कराई है उसमें शहर के बीच महोली रोड पर भी 12 अवैध कालोनी चिह्नित की गई हैं। इनमें गुरु नगर, शारदा नगर, कांता पुरी, मंसापुरी, विजय नगर, प्रताप नगर ईस्ट, प्रताप नगर वेस्ट, शांती नगर, शिवपुरी, आदर्श नगर, गोपाल नगर, आशापुरी, देव नगर शामिल हैं।