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Mathura News: मानव अवशेषों की गुत्थी सुलझाने में जुटी जीआरपी
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मथुरा। जीआरपी रेलवे के बंद पड़े आरआरआई केबिन से बरामद मानव अवशेषों की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। शुक्रवार को फॉरेंसिक टीम ने मौके से और मानव अवशेष बरामद किए और साक्ष्य जुटाए हैं। खून से सनी चप्पलें तथा महिलाओं द्वारा बालों में लगाया जाने वाला प्लास्टिक का क्लिप भी मिला है। इन्हें कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है।
जीआरपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शव की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। शव का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा जाएगा तथा आसपास के जनपदों के विभिन्न थानों में दर्ज महिला-पुरुषों की गुमशुदगी के मामलों का अध्ययन कर मिलान कराया जाएगा ताकि शव के अवशेषों की पहचान हो सके।
बृहस्पतिवार की शाम रेलवे के बंद पड़े आरआरआई केबिन से जीआरपी ने मानव अवशेष बरामद किए थे। अवशेषों की पहचान के लिए उप निरीक्षक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। आरआरआई केबिन के निकट रेलवे की रैक मेंटेनेंस की कोठरी बनी है। यहां हर समय कर्मचारी रहते हैं। जीआरपी ने रेलवे कर्मचारियों से अवशेषों को लेकर पूछताछ की। हालांकि कर्मचारियों ने इनके बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया।
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जर्जर भवन बने अपराधियों के शरणालय
रेलवे स्टेशन के आसपास करीब आधा दर्जन जर्जर और लंबे समय से बंद पड़े रेलवे भवन सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। रखरखाव के अभाव में ये भवन अपराधियों, असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों के शरणालय बन गए हैं। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इन भवनों की देखरेख की जिम्मेदारी रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग (आईओडब्ल्यू) की है लेकिन लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण अधिकांश भवन खंडहर हो चुके हैं। स्टेशन निदेशक सुनील कुमार शर्मा ने रेलवे इंजीनियरिंग विभाग को पत्र लिखकर स्टेशन परिसर और उसके आसपास स्थित सभी जर्जर भवनों का सर्वे कराने के लिए पत्र लिखा है। सर्वे में जो भवन उपयोग योग्य नहीं हैं, उन्हें तत्काल ध्वस्त कराने कराने और इन भवनों की नियमित चेकिंग कराने के लिए कहा गया है जिससे कोई असामाजिक तत्व यहां शरण न ले सके।
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जीआरपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शव की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। शव का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा जाएगा तथा आसपास के जनपदों के विभिन्न थानों में दर्ज महिला-पुरुषों की गुमशुदगी के मामलों का अध्ययन कर मिलान कराया जाएगा ताकि शव के अवशेषों की पहचान हो सके।
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बृहस्पतिवार की शाम रेलवे के बंद पड़े आरआरआई केबिन से जीआरपी ने मानव अवशेष बरामद किए थे। अवशेषों की पहचान के लिए उप निरीक्षक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। आरआरआई केबिन के निकट रेलवे की रैक मेंटेनेंस की कोठरी बनी है। यहां हर समय कर्मचारी रहते हैं। जीआरपी ने रेलवे कर्मचारियों से अवशेषों को लेकर पूछताछ की। हालांकि कर्मचारियों ने इनके बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया।
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जर्जर भवन बने अपराधियों के शरणालय
रेलवे स्टेशन के आसपास करीब आधा दर्जन जर्जर और लंबे समय से बंद पड़े रेलवे भवन सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। रखरखाव के अभाव में ये भवन अपराधियों, असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों के शरणालय बन गए हैं। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इन भवनों की देखरेख की जिम्मेदारी रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग (आईओडब्ल्यू) की है लेकिन लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण अधिकांश भवन खंडहर हो चुके हैं। स्टेशन निदेशक सुनील कुमार शर्मा ने रेलवे इंजीनियरिंग विभाग को पत्र लिखकर स्टेशन परिसर और उसके आसपास स्थित सभी जर्जर भवनों का सर्वे कराने के लिए पत्र लिखा है। सर्वे में जो भवन उपयोग योग्य नहीं हैं, उन्हें तत्काल ध्वस्त कराने कराने और इन भवनों की नियमित चेकिंग कराने के लिए कहा गया है जिससे कोई असामाजिक तत्व यहां शरण न ले सके।