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UP: दुल्हनों के गांव पहुंचे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद, कहा- सरकार ने भैंस के बराबर लगाई इज्जत की कीमत
Sat, 01 Mar 2025 02:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 02:04 PM IST
सार
मथुरा में जिन दुल्हनों पर कीचड़ फेंका और बरातियों की पिटाई कर दी गई, उस परिवार से मिलने के लिए सांसद चंद्रशेखर आजाद पहुंचे। पीड़ित परिवार को एक-एक लाख के मुआवजे को लेकर आजाद ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित जाति के परिवार की इज्जत की कीमत भैंस के बराबर लगाई है।
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मथुरा। सांसद चंद्रशेखर आजाद को देखने के लिए कार्यकर्ता और लोग छतों पर खड़े नजर आए।
- फोटो : mathura
विस्तार
नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को करनावल में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान सांसद भाजपा सरकार पर हमलावर रहे। पीड़ित बेटियों को एक-एक लाख रुपये की सरकारी मदद मिलने पर कहा कि सरकार ने अनुसूचित जाति के परिवार की इज्जत की कीमत भैंस के बराबर लगाई है। उन्होंने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और 5 एकड़ जमीन का पट्टा देने की मांग की।
सांसद ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली। परिवार के लोगों के साथ ही दोनों बेटियों से भी मुलाकात की। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी उन्होंने जाना। बेटियों के पिता ने सुरक्षा की मांग करते हुए शस्त्र लाइसेंस दिलाने की मांग की। सांसद ने पीड़ित परिवार को हर कदम पर उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा सभी अपने एक वक्त के खाने के रुपये जरूर पीड़ित परिवार को दें। सांसद ने बेटियों की शादी के दिन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहने के लिए भी अपील की।
पुलिस की कार्रवाई को संतोषजनक बताने के साथ ही सरकार पर एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने पर निशाना साधा। कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवार के अपमान की कीमत एक लाख रुपये लगाई है। एक लाख रुपये में आज मोटरसाइकिल भी नहीं आती है, लेकिन ये बात शायद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और सीएम योगी आदित्यनाथ को नहीं पता। जनता से भैंस की कीमत पूछते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि आज के समय में एक लाख रुपये की भैंस आती है। अनुसूचित जाति के परिवार की इज्जत की कीमत सरकार ने भैंस के बराबर लगाई है।
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बिना नाम लिए सपा और भाजपा भी साधा निशाना
करनावल पहुंचे सांसद ने बिना नाम लिए सपा और बसपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पहले सरकार में थे और एडीए का नारा देते हैं उनके मुंह से दो शब्द नहीं फूटे। वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े तो हो सकते थे। वहीं बसपा का नाम लिए बिना ही निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में आंबेडकर की फोटो हाथ में लेकर आने वाला हर कोई अनुसूचित जाति का हितैषी नहीं है। चुनाव में ये बात याद रखना।
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सांसद ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली। परिवार के लोगों के साथ ही दोनों बेटियों से भी मुलाकात की। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी उन्होंने जाना। बेटियों के पिता ने सुरक्षा की मांग करते हुए शस्त्र लाइसेंस दिलाने की मांग की। सांसद ने पीड़ित परिवार को हर कदम पर उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए कहा। उन्होंने कहा सभी अपने एक वक्त के खाने के रुपये जरूर पीड़ित परिवार को दें। सांसद ने बेटियों की शादी के दिन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहने के लिए भी अपील की।
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पुलिस की कार्रवाई को संतोषजनक बताने के साथ ही सरकार पर एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने पर निशाना साधा। कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवार के अपमान की कीमत एक लाख रुपये लगाई है। एक लाख रुपये में आज मोटरसाइकिल भी नहीं आती है, लेकिन ये बात शायद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और सीएम योगी आदित्यनाथ को नहीं पता। जनता से भैंस की कीमत पूछते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि आज के समय में एक लाख रुपये की भैंस आती है। अनुसूचित जाति के परिवार की इज्जत की कीमत सरकार ने भैंस के बराबर लगाई है।
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बिना नाम लिए सपा और भाजपा भी साधा निशाना
करनावल पहुंचे सांसद ने बिना नाम लिए सपा और बसपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पहले सरकार में थे और एडीए का नारा देते हैं उनके मुंह से दो शब्द नहीं फूटे। वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े तो हो सकते थे। वहीं बसपा का नाम लिए बिना ही निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में आंबेडकर की फोटो हाथ में लेकर आने वाला हर कोई अनुसूचित जाति का हितैषी नहीं है। चुनाव में ये बात याद रखना।