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ईश्वर की आराधना है संगीत: राम नाईक
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 22 Sep 2015 12:04 AM IST
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वन महाराज कालेज के सभागार में आयोजित स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, आप नेता और कवि कुमार विश्वास, गोपी गोस्वामी ने स्वामी हरिदास के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने कहा कि भक्तों की संगीत साधना के चलते भगवान भी दर्शन देने को विवश हो जाते थे। उन्होंने कहा कि संगीत ईश्वर की आराधना है। हजारों वर्षों से हम लोग संगीत के माध्यम से प्रभु की आराधना करते हुए आ रहे हैं। मानव जीवन संगीत के बिना अधूरा है। संगीत हमें नव स्फूर्ति और उत्साह के साथ जीवन जीने को प्रोत्साहित करता है।
उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास महाराज की ध्रुपद गायन कर प्रभु के गुणगान की शैली हर किसी को वश में कर लेती थी। सुरों की डोरी में बंधकर ही स्वयं बांकेबिहारी प्रकट होने को विवश हो गए। स्वामी हरिदास संगीत समारोह में आज नृत्य, गायन और वादन देखने को मिलता है, वह सराहनीय है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों के लिए आयोजन समिति को धन्यवाद दिया। साथ ही ब्रजवासियों को राधाष्टमी की शुभकामना दीं।
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इसके बाद ओडिशा के अद्वैता ग्रुप की बालिकाओं ने नमामी बाल गोपालम गीत पर ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी। इसे राज्यपाल ने सराहा। इसके बाद कत्थक नृतक असीम बंधु भट्टाचार्य ने प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके बाद डा. ममता जोशी के सूफी गायन ने खूब तालियां बटोरीं। इससे पूर्व संत कुमार स्वामी, समाजसेवी पवन चतुर्वेदी, आदित्य बाजपेयी, अरुण बाजपेयी, बीके भटनागर, आरसी गोयल, पी नरसिंहराव, अनूप शर्मा आदि ने राज्यपाल को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
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राज्यपाल ने कहा कि भक्तों की संगीत साधना के चलते भगवान भी दर्शन देने को विवश हो जाते थे। उन्होंने कहा कि संगीत ईश्वर की आराधना है। हजारों वर्षों से हम लोग संगीत के माध्यम से प्रभु की आराधना करते हुए आ रहे हैं। मानव जीवन संगीत के बिना अधूरा है। संगीत हमें नव स्फूर्ति और उत्साह के साथ जीवन जीने को प्रोत्साहित करता है।
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उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास महाराज की ध्रुपद गायन कर प्रभु के गुणगान की शैली हर किसी को वश में कर लेती थी। सुरों की डोरी में बंधकर ही स्वयं बांकेबिहारी प्रकट होने को विवश हो गए। स्वामी हरिदास संगीत समारोह में आज नृत्य, गायन और वादन देखने को मिलता है, वह सराहनीय है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों के लिए आयोजन समिति को धन्यवाद दिया। साथ ही ब्रजवासियों को राधाष्टमी की शुभकामना दीं।
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इसके बाद ओडिशा के अद्वैता ग्रुप की बालिकाओं ने नमामी बाल गोपालम गीत पर ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी। इसे राज्यपाल ने सराहा। इसके बाद कत्थक नृतक असीम बंधु भट्टाचार्य ने प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके बाद डा. ममता जोशी के सूफी गायन ने खूब तालियां बटोरीं। इससे पूर्व संत कुमार स्वामी, समाजसेवी पवन चतुर्वेदी, आदित्य बाजपेयी, अरुण बाजपेयी, बीके भटनागर, आरसी गोयल, पी नरसिंहराव, अनूप शर्मा आदि ने राज्यपाल को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।