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अपने माता-पिता के पास पहुंची किशोरी
अमर उजाला वृंदावन
Updated Wed, 25 May 2016 11:46 PM IST
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अपने माता-पिता के पास पहुंची किशोरी
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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बीते दिनों वृंदावन में दर्शनार्थ आईं किशोरी को बाल कल्याण समिति मथुरा ने उसके माता पिता के हवाले कर दिया। इससे पहले समिति ने किशोरी को साथ ले जाने वाले अलीगढ़ निवासी रिश्तेदार को किशोरी को वापस लाने के आदेश दिए तो उसने मना कर दिया। इस पर कानूनी प्रक्रिया के तहत किशोरी को वृंदावन लाया गया।
बता दें कि बीते दिनों वृंदावन में घूमते मिली किशोरी को अलीगढ़ निवासी प्रकाश चंद शर्मा अपनी भांजी बताकर साथ ले गया था। उसने बाल कल्याण समिति के समक्ष किशोरी को उसके परिवारीजनों का सौंपने की बात कही लेकिन बुधवार को किशोरी के माता-पिता बाल कल्याण समिति के समक्ष पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रकाश उनकी बेटी को उन्हें नहीं सौंप रहा है।
उनकी बेटी करीब डेढ़ साल से उसी के पास है। इस पर समिति के सदस्यों ने प्रकाशचंद्र शर्मा को फोन करके किशोरी को वापस लाने के निर्देश दिए लेकिन वह नहीं आया। इस पर बालकल्याण समिति ने चाइल्ड लाइन मथुरा को आदेश दिया कि स्थानीय पुलिस को साथ लेकर किशोरी को वापस लाया जाए।
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इस पर चाइल्ड लाइन संस्था के सदस्य प्रवीण कुमार और पिंटू कुमार ने अलीगढ़ पहुंचकर किशोरी को अपनी अभिरक्षा में लिया और कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद वे किशोरी और उसके माता-पिता के साथ दोबारा बाल कल्याण समिति मथुरा के समक्ष प्रस्तुत हुए। बुधवार शाम को बालकल्याण समिति (न्यायपीठ मथुरा) ने किशोरी को ऋषिकेश निवासी पिता गुरुचरण सिंह, माता सनीता कौर और नाना रामबाबू के सुपुर्द कर दिया।
इसकी जानकारी महिला कल्याण विभाग को भी दी गई। बताया गया है कि किशोरी को साथ ले जाने वाला प्रकाश चंद्र शर्मा भाग गया है। माता-पिता ने न्यायपीठ की सदस्य प्रतिभा शर्मा, सतीश चंद्र शर्मा, हेमवती सिंह और संस्था चाइल्ड लाइन का आभार जताया।
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बता दें कि बीते दिनों वृंदावन में घूमते मिली किशोरी को अलीगढ़ निवासी प्रकाश चंद शर्मा अपनी भांजी बताकर साथ ले गया था। उसने बाल कल्याण समिति के समक्ष किशोरी को उसके परिवारीजनों का सौंपने की बात कही लेकिन बुधवार को किशोरी के माता-पिता बाल कल्याण समिति के समक्ष पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रकाश उनकी बेटी को उन्हें नहीं सौंप रहा है।
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उनकी बेटी करीब डेढ़ साल से उसी के पास है। इस पर समिति के सदस्यों ने प्रकाशचंद्र शर्मा को फोन करके किशोरी को वापस लाने के निर्देश दिए लेकिन वह नहीं आया। इस पर बालकल्याण समिति ने चाइल्ड लाइन मथुरा को आदेश दिया कि स्थानीय पुलिस को साथ लेकर किशोरी को वापस लाया जाए।
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इस पर चाइल्ड लाइन संस्था के सदस्य प्रवीण कुमार और पिंटू कुमार ने अलीगढ़ पहुंचकर किशोरी को अपनी अभिरक्षा में लिया और कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद वे किशोरी और उसके माता-पिता के साथ दोबारा बाल कल्याण समिति मथुरा के समक्ष प्रस्तुत हुए। बुधवार शाम को बालकल्याण समिति (न्यायपीठ मथुरा) ने किशोरी को ऋषिकेश निवासी पिता गुरुचरण सिंह, माता सनीता कौर और नाना रामबाबू के सुपुर्द कर दिया।
इसकी जानकारी महिला कल्याण विभाग को भी दी गई। बताया गया है कि किशोरी को साथ ले जाने वाला प्रकाश चंद्र शर्मा भाग गया है। माता-पिता ने न्यायपीठ की सदस्य प्रतिभा शर्मा, सतीश चंद्र शर्मा, हेमवती सिंह और संस्था चाइल्ड लाइन का आभार जताया।