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इंजेक्शन लगाने के बाद गई आंखों की रोशनी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 02 Jul 2015 12:26 AM IST
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बंदर काटने के बाद शेरगढ़ रोड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इंजेक्शन लगवाने के बाद युवती की आंखों की रोशनी चली गई। इंजेक्शन लगाने के बाद से ही उसे आंखों में परेशानी होने लगी थी। आरोप है कि डॉक्टर ने उसकी एक नहीं सुनी। बुधवार को युवती को साथ लेकर स्वास्थ्य केंद्र पर आए परिवारीजनों ने हंगामा किया। इसके बाद उसे मथुरा रेफर कर दिया गया, लेकिन वहां भी उसकी आंखों की जांच नहीं हो सकी।
लालाराम मार्ग निवासी कयूम की पुत्री तन्हा (17) को 25 जून को बंदर काटने के बाद उसके पिता स्वास्थ्य केंद्र पर लाए। चिकित्सक ने दवा दे दी। 27 जून को उसे एक इंजेक्शन लगा दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद तन्हा को आंखों में परेशानी होने लगी। परिवारीजन उसे फिर से स्वास्थ्य केंद्र पर लाए और चिकित्सक को आंखों में हो रही परेशानी के बारे में बताया। चिकित्सक ने उसे थोड़ी देर में आराम होने की बात कहकर घर भेज दिया। इसके बाद भी तन्हा की परेशानी बढ़ती गई। परिवारीजनों ने मथुरा में एक नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाया तो उन्होंने रोशनी गायब होने की बात कही।
बुधवार को युवती के परिवारीजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे, जहां चिकित्सक के अवकाश पर होने की बात सुनकर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। वहां मौजूद चिकित्सक डॉ. मोहित बंसल ने युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि जिला अस्पताल में नेत्र चिकित्सक न होने पर युवती परेशान होकर शाम को कोसी आ गई।
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किसी कारणवश तन्हा की आंखों की जांच बुधवार को नहीं हो पाई, गुरुवार को जांच कराई जाएगी। यदि जरूरी हुआ तो उसे आगरा रेफर करा दिया जाएगा। मामले की जांच कराई जाएगी कि चूक कहां हुई।
- डॉ. सज्जन कुमार, सीएमओ
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लालाराम मार्ग निवासी कयूम की पुत्री तन्हा (17) को 25 जून को बंदर काटने के बाद उसके पिता स्वास्थ्य केंद्र पर लाए। चिकित्सक ने दवा दे दी। 27 जून को उसे एक इंजेक्शन लगा दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद तन्हा को आंखों में परेशानी होने लगी। परिवारीजन उसे फिर से स्वास्थ्य केंद्र पर लाए और चिकित्सक को आंखों में हो रही परेशानी के बारे में बताया। चिकित्सक ने उसे थोड़ी देर में आराम होने की बात कहकर घर भेज दिया। इसके बाद भी तन्हा की परेशानी बढ़ती गई। परिवारीजनों ने मथुरा में एक नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाया तो उन्होंने रोशनी गायब होने की बात कही।
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बुधवार को युवती के परिवारीजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे, जहां चिकित्सक के अवकाश पर होने की बात सुनकर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। वहां मौजूद चिकित्सक डॉ. मोहित बंसल ने युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि जिला अस्पताल में नेत्र चिकित्सक न होने पर युवती परेशान होकर शाम को कोसी आ गई।
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किसी कारणवश तन्हा की आंखों की जांच बुधवार को नहीं हो पाई, गुरुवार को जांच कराई जाएगी। यदि जरूरी हुआ तो उसे आगरा रेफर करा दिया जाएगा। मामले की जांच कराई जाएगी कि चूक कहां हुई।
- डॉ. सज्जन कुमार, सीएमओ