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Mathura News: छप्पन भोग के लिए सजी गिरिराज तलहटी
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श्री गिरिराज सेवा समिति संस्थापक मुरारी अग्रवाल समेत अन्य।
गोवर्धन। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को गोवर्धन की गिरि तलहटी में होने वाले अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गिरिराज परिक्रमा मार्ग को हरियाली और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। इस बार गिरिराज महाराज सप्त रत्नों से सजे चांदी के कमल पुष्प और शेषनाग के फन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
छप्पन भोग में गाय के घी से तैयार 21 हजार किलो प्रसाद अर्पित किया गया है। इसमें सोने-चांदी के वर्क से सजे व्यंजन भी शामिल होंगे। पंडित शरद मुखिया गिरिराज महाराज का राजाधिराज स्वरूप में शृंगार करेंगे। हीरा, मोती, नीलम, पन्ना, पुखराज और गोमेद आदि नवरत्नों सहित प्रभु को हीरा जड़ित बांसुरी धारण कराई जाएगी।
सप्त नदियों के जल और जड़ी-बूटियों से हुआ महाभिषेक
मथुरा। अनंत चतुर्दशी पर आयोजित छप्पन भोग महोत्सव की पूर्व संध्या पर गोवर्धन की गिरि तलहटी में श्रीगिरिराज महाराज का पंच रत्नम महाभिषेक किया गया।
यमुना, गंगा, गोदावरी, ब्रह्मपुत्र, चिनार, कृष्ण और अलकनंदा के जल, दूध, दही, शहद और जड़ी-बूटियों से मंत्रोच्चार के बीच आचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी और पं. माखनलाल चतुर्वेदी ने महाभिषेक कराया। श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज की आरती की। शास्त्रीय संगीत की स्वर-लहरियों से वातावरण कृष्णमय हो गया। गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने पंचामृत व पंचरत्न अभिषेक कराया। मुख्य यजमान अशोक कुमार आढ़ती और नीरज गोयल ने कलश पूजन किया। मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग, अनमोल बंसल, दिनेश मंगल, संरक्षक राजेंद्र सर्राफ, कोषाध्यक्ष भगवानदास खंडेलवाल ने अभिषेक में भाग लिया। संवाद
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छप्पन भोग में गाय के घी से तैयार 21 हजार किलो प्रसाद अर्पित किया गया है। इसमें सोने-चांदी के वर्क से सजे व्यंजन भी शामिल होंगे। पंडित शरद मुखिया गिरिराज महाराज का राजाधिराज स्वरूप में शृंगार करेंगे। हीरा, मोती, नीलम, पन्ना, पुखराज और गोमेद आदि नवरत्नों सहित प्रभु को हीरा जड़ित बांसुरी धारण कराई जाएगी।
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सप्त नदियों के जल और जड़ी-बूटियों से हुआ महाभिषेक
मथुरा। अनंत चतुर्दशी पर आयोजित छप्पन भोग महोत्सव की पूर्व संध्या पर गोवर्धन की गिरि तलहटी में श्रीगिरिराज महाराज का पंच रत्नम महाभिषेक किया गया।
यमुना, गंगा, गोदावरी, ब्रह्मपुत्र, चिनार, कृष्ण और अलकनंदा के जल, दूध, दही, शहद और जड़ी-बूटियों से मंत्रोच्चार के बीच आचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी और पं. माखनलाल चतुर्वेदी ने महाभिषेक कराया। श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज की आरती की। शास्त्रीय संगीत की स्वर-लहरियों से वातावरण कृष्णमय हो गया। गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने पंचामृत व पंचरत्न अभिषेक कराया। मुख्य यजमान अशोक कुमार आढ़ती और नीरज गोयल ने कलश पूजन किया। मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग, अनमोल बंसल, दिनेश मंगल, संरक्षक राजेंद्र सर्राफ, कोषाध्यक्ष भगवानदास खंडेलवाल ने अभिषेक में भाग लिया। संवाद
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