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Mathura News: बाढ़ से बिगड़े हालात, बारिश ने बढ़ाई धड़कनें
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गांव हंसगंज में मिट्टी से भरी बोरियां लगाकर बांध बनाते ग्रामीण।
मथुरा। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से लगातार ऊपर बढ़ने पर जिले में बाढ़ के हालात बन गए हैं। कई कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं और कई गांव टापू बन गए हैं। ग्रामीण अपने गांव की सुरक्षा के लिए बोरियों में मिट्टी भरकर गांव के चारों ओर लगा रहे हैं, ताकि गांव में पानी न घुसे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज है कि ग्रामीणों की कोई भी जुगाड़ काम नहीं कर रही है। रविवार को तड़के चार बजे से चार घंटे हुई तेज बारिश ने और खतरा बढ़ा दिया है। इससे लोगों को धड़कनें बढ़ने लगी हैं।
जमुनापार के गांव हंसगंज के लोग बीते दो दिन से बोरियों में मिट्टी भरकर गांव के चारों ओर लगाने का काम कर रहे हैं। पानी का बहाव तेज होने से ग्रामीणों का यह प्रयास विफल साबित हो रहा है। इससे लोग दहशत में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि इस कार्य के लिए गांव के लोगों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी बांट ली है। कोई रात में पानी की निगरानी कर रहा है तो कोई बोरियों में मिट्टी भरकर गांव के किनारे बांध लगा रहा है। हालांकि गांव के कुछ हिस्से में लोगों के मकान तक यमुना का पानी पहुंच गया है।
इधर, जयसिंहपुरा, यमुना खादर समेत कई क्षेत्रों में तीन-तीन फीट पानी भर गया है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, रविवार शाम को प्रयाग घाट का यमुना जलस्तर खतरे के निशान 166.14 मीटर से बढ़कर 166.21 मीटर दर्ज किया गया है, जो बीते 24 घंटे में सात सेंटीमीटर अधिक है। बीते सप्ताह से इसी तरह धीरे-धीरे लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे लोगों की भी धड़कनें बढ़ रहीं हैं। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि रविवार शाम को हथिनीकुंड से 65854 क्यूसेक और ओखला से 53801 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गोकुल बैराज से एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
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जमुनापार के गांव हंसगंज के लोग बीते दो दिन से बोरियों में मिट्टी भरकर गांव के चारों ओर लगाने का काम कर रहे हैं। पानी का बहाव तेज होने से ग्रामीणों का यह प्रयास विफल साबित हो रहा है। इससे लोग दहशत में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि इस कार्य के लिए गांव के लोगों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी बांट ली है। कोई रात में पानी की निगरानी कर रहा है तो कोई बोरियों में मिट्टी भरकर गांव के किनारे बांध लगा रहा है। हालांकि गांव के कुछ हिस्से में लोगों के मकान तक यमुना का पानी पहुंच गया है।
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इधर, जयसिंहपुरा, यमुना खादर समेत कई क्षेत्रों में तीन-तीन फीट पानी भर गया है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, रविवार शाम को प्रयाग घाट का यमुना जलस्तर खतरे के निशान 166.14 मीटर से बढ़कर 166.21 मीटर दर्ज किया गया है, जो बीते 24 घंटे में सात सेंटीमीटर अधिक है। बीते सप्ताह से इसी तरह धीरे-धीरे लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे लोगों की भी धड़कनें बढ़ रहीं हैं। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि रविवार शाम को हथिनीकुंड से 65854 क्यूसेक और ओखला से 53801 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गोकुल बैराज से एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
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