फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   fire

सेटेलाइट से 450 गांवों में पराली जलाने की सूचना, नहीं पहुंचे अफसर

Thu, 14 Nov 2019 10:05 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 10:05 AM IST
विज्ञापन
fire
फोटो 31+32 तहसील छाता के एक गांव में धान की पराली जलती हुई। - फोटो : MATHURA
मथुरा। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तमाम तरीके अपना रही हैं। साथ ही लोगों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में भी जागरूक कर रही हैं। वहीं, जिले के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

अफसरों को सेटेलाइट से 450 गांवों में पराली जलाने की सूचना दी गई, इसके बावजूद वे मौके पर ही नहीं पहुंचे और न ही संबंधितों के खिलाफ कोई कार्रवाई की। जिले में प्रदूषण बढ़ने और धुंध छाए रहने पर अब वे पूछताछ कर लोगों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में चौमुहां, छाता, नंदगांव, गोवर्धन, मांट, नौहझील, राया ब्लाक और आसपास के 800 से अधिक गांवों में 60 हजार हेक्टेयर से अधिक इलाके में धान की फसल की गई। दो सप्ताह पूर्व से धान की कटाई के बाद किसानों ने पराली जलानी शुरू कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे दिवाली से प्रदूषण बढ़नेे लगा। इसे लेकर डीएम ने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए 39 अफसरों की ड्यूटी लगाई। लखनऊ स्थित मुख्यालय पर लगे सेटेलाइट से अफसरों को 450 गांवों में पराली जलाने की सूचना दी गई, लेकिन अफसर किसानों को पराली जलाने से रोकने को ही नहीं पहुंचे।
बुधवार को गांव नरीसैमरी, सेरसा, छडग़ांव में पराली जलाने की सूचना दी गई। अब अफसर जली हुई पराली के अवशेष देख किसानों के खिलाफ नोटिस जारी कर रहे हैं।
इनकी लगाई है ड्यूटी
छाता के खंड विकास अधिकारी, पीओ डूडा, एमवीडीए के एके जैन, अनिरुद्ध यादव, मलखान सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी, लोनिवि के राहुल, प्रदूषण विभाग के एई, खंड विकास अधिकारी नंदगांव, नंदगांव के ईओ, अपर आगरा कैनाल के अधिकारी सहित 39 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई, लेकिन ज्यादातर अफसर सूचना के बाद भी गांवों में नहीं पहुंचे। अब सेटेलाइट से मिली सूचना पर किसानों को 2500 रुपये जुर्माने के हिसाब से नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
प्रदूषण का स्तर
मथुरा एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में आ गया है। दो दिन से छाई धुंध व प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़कर दीपावली वाले दिन के स्तर तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि दीपावली पर 27 से 31 अक्तूबर के बीच प्रदूषण 158 से लेकर 172 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक था। वहीं 11 व 12 नवंबर को प्रदूषण का स्तर 143 से बढ़कर 168 तक पहुंच गया है। इसमें सर्वाधिक प्रदूषण औद्यौगिक क्षेत्र में 168 दर्ज किया गया।
जिम्मेदारों के बोल
लखनऊ से सेटेलाइट से जिले में 450 स्थानों पर पराली जलाने की सूचना दी गई थी। वहां किसानों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा रही है। इसके तहत 200 कृषकों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले में प्रदूषण बढ़ने का कारण पराली जलाना भी है।
धुरेंद्र कुमार, उपकृषि निदेशक
जिले में प्रदूषण का मानक 100 से बढ़कर 152 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक से अधिक हो गया। प्रदूषण का मानक सामान्य से अधिक है। लगातार प्रदूषण पर नजर रखी जा रही है।

-डॉ. अरविंद कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी (प्रदूषण विभाग)
पराली जलाने वाले किसानों की जानकारी सेटेलाइट के माध्यम से मिल रही है। ऐसे किसानों को तहसीलों के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारी क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए पूरी स्थिति पर निगाह बनाए हुए हैं। आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-सर्वज्ञराम मिश्र, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed