फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Fearing punishment, the prisoner embraced death

सजा के डर से बंदी ने मौत को लगाया गले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 10:30 PM IST
विज्ञापन
Fearing punishment, the prisoner embraced death
मथुरा। दहेज हत्या में फंसे जेल में बंद ससुर ने सजा के डर से मौत को गले लगा लिया। केस दिन पर दिन आगे बढ़ रहा था। बेटे के ससुरालीजन समझौते को तैयार नहीं थे। पत्नी रामरती और पुत्र नीरज जेल में ही बंद थे। जिसके चलते मृतक हरी सिंह ने मानसिक संतुलन खो दिया और आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन

अप्रैल २०२१ को हरीसिंह के पुत्र नीरज की पत्नी मोनिका का शव ससुराल में फंदे पर लटका मिला था। ससुरालीजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें नामजद हुए पति नीरज, सास रामरती और ससुर हरी सिंह को बलदेव पुलिस ने जेल भेज दिया। सोमवार को आत्महत्या करने से एक घंटे पहले ही बंदी ने केस के संबंध में बेटी से बातचीत की थी।
विज्ञापन

दोपहर करीब १२:३० मिनट पर जेल अधिकारियों का फोन हरी सिंह के बेटे धीरज के पास पहुंचा और हरी सिंह की आत्महत्या की जानकारी दी। सूचना मिलने पर हरी के बेटे, बेटी तथा अन्य गांव में मौजूद सभी परिजन जेल पहुंच गए। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि बंदी का शव परिजन को पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आत्महत्या के लिए तैयार की दो गमछाें की रस्सी
हरी सिंह ने आत्महत्या के लिए दो गमछों की रस्सी बनाकर बैरक के उस कोने को आत्महत्या के लिए चुना जहां पर आसानी से लोगों की नजर नहीं जा सके। बंदी के इस गमछे की रस्सी से लटकते ही आसपास के बंदियों ने आकर उतारा। जिस समय उतारा था, उस समय मुंह से कुछ ही देर पहले खाया हुआ भोजन बंदी के मुंह से निकल रहा था।
डस्टबिन को उलटकर चढ़ा था बंदी
गमछे की रस्सी तक पहुंचने के लिए हरी सिंह ने नजदीक रखे डस्टबिन को उलट दिया और उस पर चढ़कर अपने गले में फंदा लगा लिया। जीवन समाप्त करने के लिए उसने पहले से ही तैयारी कर ली थी लेकिन जेल पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी।

भतीजे ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सभी परिजन केस को लेकर बहुत दबाव में हैं। उनके पुत्र धीरज के पास जेल से फोन आया था जिसके बाद हमें आत्महत्या की जानकारी हुई।
पहले भी एक बंदी ने आत्महत्या की कोशिश की थी
कुछ दिन पहले जेल में बंदी द्वारा चम्मच का नुकीला हथियार बनाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। समय से जानकारी मिलने पर बंदी को बचा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed