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Mathura News: 4 घंटे तक किसानों का प्रदर्शन, फिर भी अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे
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जिला मुख्यालय की ओर जाता किसानों का जुलूस।
मथुरा। भारतीय किसान कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामबाबू सिंह कटैलिया के नेतृत्व में किसान बुधवार को पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। चार घंटे तक कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए प्रदर्शन किया, लेकिन कोई भी अधिकारी उनका ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इस दौरान सड़क पर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने मशक्कत के बाद खुलवाया। वहीं किसान बिना ज्ञापन दिए लौट गए।
मांट ब्लॉक के नौहझील और बाजना में दो सप्ताह पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेत में खड़ी किसानों की गेहूं, सरसों और आलू की फसल को नुकसान हुआ है। मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को भारतीय किसान कल्याण समिति व भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने टैंक चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शन किया। 4 घंटे डीएम कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन किसा, लेकिन कोई भी अधिकारी उनका ज्ञापन लेने नहीं आया।
रामबाबू कटैलिया ने कहा कि सरकार किसानों को फसल का मुआवजा नहीं देना चाहती है। जबकि बारिश में फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। 50 से 60 प्रतिशत तक फसल को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय महासचिव गिरिराज प्रसाद ने कहा कि किसानों को 15 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा मिले। भाकियू अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को मुआवजा देने से बच रहा है। प्रदर्शन में नौहझील व बाजना के करीब 250 से अधिक किसान प्रदर्शन में शामिल रहे। इनमें देवेंद्र पहलवान, मोनू, लक्ष्मन, रमेश, रामवीर सिंह, जगदीश प्रसाद आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शन के दौरान लगा जाम
टैंक चौराहे से कलेक्ट्रेट तक किसान नेताओं के पैदल मार्च के कारण मछली फाटक पुल पर लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों पर वाहनों की लंबी कतार लग गईं। आधा घंटे तक लगे जाम को सेना व सिविल पुलिस के जवानों ने मशक्क्त के बाद खुलवाया।
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मांट ब्लॉक के नौहझील और बाजना में दो सप्ताह पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेत में खड़ी किसानों की गेहूं, सरसों और आलू की फसल को नुकसान हुआ है। मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को भारतीय किसान कल्याण समिति व भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने टैंक चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शन किया। 4 घंटे डीएम कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन किसा, लेकिन कोई भी अधिकारी उनका ज्ञापन लेने नहीं आया।
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रामबाबू कटैलिया ने कहा कि सरकार किसानों को फसल का मुआवजा नहीं देना चाहती है। जबकि बारिश में फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। 50 से 60 प्रतिशत तक फसल को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय महासचिव गिरिराज प्रसाद ने कहा कि किसानों को 15 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा मिले। भाकियू अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को मुआवजा देने से बच रहा है। प्रदर्शन में नौहझील व बाजना के करीब 250 से अधिक किसान प्रदर्शन में शामिल रहे। इनमें देवेंद्र पहलवान, मोनू, लक्ष्मन, रमेश, रामवीर सिंह, जगदीश प्रसाद आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शन के दौरान लगा जाम
टैंक चौराहे से कलेक्ट्रेट तक किसान नेताओं के पैदल मार्च के कारण मछली फाटक पुल पर लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों पर वाहनों की लंबी कतार लग गईं। आधा घंटे तक लगे जाम को सेना व सिविल पुलिस के जवानों ने मशक्क्त के बाद खुलवाया।