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अब सामूहिक भूख हड़ताल करेंगे किसान
ब्यूरो अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 02 Jan 2015 12:28 AM IST
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गोकुल बैराज डूब क्षेत्र प्रभावित किसान अब आंदोलन को आक्रामक रूप देने की तैयारी में हैं। इसका ऐलान साल के पहले दिन गांव दामोदरपुरा स्थित धरना स्थल पर किया गया। किसानों ने फैसला लिया कि दो-तीन दिन बाद सभी गांवों के किसान सामूहिक आमरण अनशन, सड़क पर उतरेंगे और जेल भरो आंदोलन छेड़ेंगे।
दो माह के बाद भी जिला प्रशासन गोकुल बैराज प्रभावित किसानों को मुआवजे के रूप में एक पैसे का भुगतान नहीं कर सका है। किसान ठंड के बावजूद धरना और क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। किसान इसे लेकर बेहद निराश और आक्रोशित हैं कि अब तक न तो मुआवजा मिला न जेल में बंद किए गए किसानों को कोई राहत दी गई है। इस स्थिति में गुरुवार को धरना की अध्यक्षता करते हुए सोहन लाल ने कहा कि अब जिला प्रशासन की नींद तोड़ने के लिए कदम उठाने हैं। धरने का संचालन रूप किशोर बघेल ने किया।
यहां वक्ताओं ने जिला प्रशासन को दो-तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न हुआ तो अब आंदोलन के रूप में गांव की सभी महिलाएं, पुरुष और बच्चे सामूहिक रूप आमरण अनशन पर बैठेंगे। सड़क पर उतरा जाएगा। जेल भी भरी जाएगी। जेल में बंद किसानों से मिलकर लौटे लोगों ने बताया कि जेल में किसानों ने अब हड़ताल खत्म कर दी है।
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धरना स्थल पर कैलाशी, गोरीशंकर, सुंदर सिंह, हरी सिंह नेता, सुगड़ सिंह, रामकिशन, पूरन निषाद, हुकम सिंह, अनुराग यादव, अजय बघेल, आदित्य कुमार, पवन ठाकुर, भानू प्रताप, पूरन छौंकर, मान सिंह, रामचरन बघेल, विशनलाल जाटव, नत्थी जाटव आदि मौजूद रहे।
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दो माह के बाद भी जिला प्रशासन गोकुल बैराज प्रभावित किसानों को मुआवजे के रूप में एक पैसे का भुगतान नहीं कर सका है। किसान ठंड के बावजूद धरना और क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। किसान इसे लेकर बेहद निराश और आक्रोशित हैं कि अब तक न तो मुआवजा मिला न जेल में बंद किए गए किसानों को कोई राहत दी गई है। इस स्थिति में गुरुवार को धरना की अध्यक्षता करते हुए सोहन लाल ने कहा कि अब जिला प्रशासन की नींद तोड़ने के लिए कदम उठाने हैं। धरने का संचालन रूप किशोर बघेल ने किया।
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यहां वक्ताओं ने जिला प्रशासन को दो-तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न हुआ तो अब आंदोलन के रूप में गांव की सभी महिलाएं, पुरुष और बच्चे सामूहिक रूप आमरण अनशन पर बैठेंगे। सड़क पर उतरा जाएगा। जेल भी भरी जाएगी। जेल में बंद किसानों से मिलकर लौटे लोगों ने बताया कि जेल में किसानों ने अब हड़ताल खत्म कर दी है।
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धरना स्थल पर कैलाशी, गोरीशंकर, सुंदर सिंह, हरी सिंह नेता, सुगड़ सिंह, रामकिशन, पूरन निषाद, हुकम सिंह, अनुराग यादव, अजय बघेल, आदित्य कुमार, पवन ठाकुर, भानू प्रताप, पूरन छौंकर, मान सिंह, रामचरन बघेल, विशनलाल जाटव, नत्थी जाटव आदि मौजूद रहे।