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UP: मथुरा में 40 प्रतिशत किसानों की ही बन पाई फार्मर रजिस्ट्री, इसलिए पिछड़ रहे कृषि विभाग
Tue, 18 Feb 2025 01:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2025 01:39 PM IST
सार
मथुरा में 40 प्रतिशत किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री बन पाई है। 60 प्रतिशत किसानों की आईडी बनाना अभी भी कृषि विभाग को भारी पड़ रहा है। 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना विभाग के कठिन परिश्रम है।
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मथुरा। कृषि विभाग के अधिकारी अमानुल्लापुर में ग्राम प्रधानों से फार्मर रजिस्ट्री के बारे में
- फोटो : mathura
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विस्तार
मथुरा में प्रत्येक किसान की फार्मर रजिस्ट्री में आईडी बनाने का कार्य नवंबर 2024 में सर्वे के बाद शुरू कर दिया गया। जिले में साढ़े तीन माह में अब तक 40 प्रतिशत ही किसानों की रजिस्ट्री बन पाई, जबकि 60 प्रतिशत किसानों की आईडी बनाना अभी भी कृषि विभाग को भारी पड़ रहा है। 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना विभाग के कठिन परिश्रम है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि जिले में 3.11 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बननी है। अभी तक जिले में 1.27 लाख किसानों की आईडी बनी है जो लक्ष्य के 40 फीसदी है। उन्होंने बताया कि इस आईडी में किसानों की प्रत्येक जानकारी जैसे किसान के पास जमीन का ब्योरा, किसान क्रेडिट कार्ड पर लिया गया ऋण, खाद व बीज सहित कृषि संबंधी जानकारी इसमें दर्ज होगी।
इस आईडी के बाद किसानों को सरकारी योजना का लाभ, सब्सिडी के लिए कोई कागजात लेकर नहीं चलना पड़ेगा। किसानों को एक कार्ड से ही सभी काम हो जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री में बुवाई के समय किसानों को खाद व डीएपी की आवश्यकता होती है। ऐसे में किसान दूसरे की खतौनी लेकर जरूरत से ज्यादा खाद प्राप्त कर लेते थे। ऐसे में कई किसान खाद लेने से वंचित रह जाते थे। ऐसे में अब फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक कदम उठाया है। कृषि उप निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक ब्लाॅक में शिविर भी लगाए जा रहे है। तय समय सीमा में किसानों के यूनिक कार्ड बना दिए जाएंगे।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि जिले में 3.11 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बननी है। अभी तक जिले में 1.27 लाख किसानों की आईडी बनी है जो लक्ष्य के 40 फीसदी है। उन्होंने बताया कि इस आईडी में किसानों की प्रत्येक जानकारी जैसे किसान के पास जमीन का ब्योरा, किसान क्रेडिट कार्ड पर लिया गया ऋण, खाद व बीज सहित कृषि संबंधी जानकारी इसमें दर्ज होगी।
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इस आईडी के बाद किसानों को सरकारी योजना का लाभ, सब्सिडी के लिए कोई कागजात लेकर नहीं चलना पड़ेगा। किसानों को एक कार्ड से ही सभी काम हो जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री में बुवाई के समय किसानों को खाद व डीएपी की आवश्यकता होती है। ऐसे में किसान दूसरे की खतौनी लेकर जरूरत से ज्यादा खाद प्राप्त कर लेते थे। ऐसे में कई किसान खाद लेने से वंचित रह जाते थे। ऐसे में अब फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक कदम उठाया है। कृषि उप निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक ब्लाॅक में शिविर भी लगाए जा रहे है। तय समय सीमा में किसानों के यूनिक कार्ड बना दिए जाएंगे।
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