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Mathura News: 3 से 5 हजार रुपये में बनाए जा रहे फर्जी आयुष्मान कार्ड
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मथुरा। शातिर ठगों ने जरूरतमंद लोगों को ठगने का नया तरीका ईजाद कर लिया है। निर्धन लोगों को आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के नाम पर ठगने की शिकायतें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय आ रही हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत निर्धन लोगों को निशुल्क उपचार सुविधा देने के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। लेकिन कुछ शातिर ठग जिन लोगों के नाम आयुष्मान कार्ड पोर्टल की सूची में पहले से नहीं है, उन्हें भी कार्ड बनाने का झांसा देकर उनसे तीन से पांच हजार रुपये वसूल रहे हैं। बदल में उन्हें फर्जी आयुष्मान कार्ड थमाया जा रहा है। ऐसे लोग जब उपचार करवाने निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, तब उन्हें ठगी का एहसास हो रहा है।
अस्पताल संचालकों ने मरीज का पंजीकरण करने के लिए पोर्टल पर आयुष्मान कार्ड का नंबर फीड किया तो पता चला कि यह नंबर पोर्टल पर है ही नहीं। इस तरह की ठगी के शिकार कई रोगियों ने नोडल प्रभारी अनुज यादव से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के पांच-छह केस सामने आ चुके हैं। इन लोगों से पुलिस को शिकायत करने के लिए कहा तो वे वापस लौट गए।
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कौन बनवा सकता है आयुष्मान कार्ड
आयुष्मान योजना के अंतर्गत वो लोग आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं, जो भूमिहीन है, मकान कच्चा है, दिहाड़ी मजदूर है या जो व्यक्ति अनुसूचित जाति या जनजाति से आता है। वे लोग भी इस योजना से जुड़कर लाभ ले सकते हैं, जो लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, निराश्रित या फिर आदिवासी हैं या परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य है। लाभार्थी आयुष्मान एप के माध्यम से आयुष्मान कार्ड के लिए घर बैठे आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कार्ड बनवाने के लिए टोल फ्री नंबर 14555 पर संपर्क किया जा सकता है।
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत निर्धन लोगों को निशुल्क उपचार सुविधा देने के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। लेकिन कुछ शातिर ठग जिन लोगों के नाम आयुष्मान कार्ड पोर्टल की सूची में पहले से नहीं है, उन्हें भी कार्ड बनाने का झांसा देकर उनसे तीन से पांच हजार रुपये वसूल रहे हैं। बदल में उन्हें फर्जी आयुष्मान कार्ड थमाया जा रहा है। ऐसे लोग जब उपचार करवाने निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, तब उन्हें ठगी का एहसास हो रहा है।
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अस्पताल संचालकों ने मरीज का पंजीकरण करने के लिए पोर्टल पर आयुष्मान कार्ड का नंबर फीड किया तो पता चला कि यह नंबर पोर्टल पर है ही नहीं। इस तरह की ठगी के शिकार कई रोगियों ने नोडल प्रभारी अनुज यादव से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के पांच-छह केस सामने आ चुके हैं। इन लोगों से पुलिस को शिकायत करने के लिए कहा तो वे वापस लौट गए।
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कौन बनवा सकता है आयुष्मान कार्ड
आयुष्मान योजना के अंतर्गत वो लोग आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं, जो भूमिहीन है, मकान कच्चा है, दिहाड़ी मजदूर है या जो व्यक्ति अनुसूचित जाति या जनजाति से आता है। वे लोग भी इस योजना से जुड़कर लाभ ले सकते हैं, जो लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, निराश्रित या फिर आदिवासी हैं या परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य है। लाभार्थी आयुष्मान एप के माध्यम से आयुष्मान कार्ड के लिए घर बैठे आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कार्ड बनवाने के लिए टोल फ्री नंबर 14555 पर संपर्क किया जा सकता है।