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Mathura News: निलंबन के तीन माह बाद भी नहीं दी उप डाकपाल को चार्जशीट
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मथुरा। फर्जी डाक टिकट मामले में डाकघर के अधिकारी फर्जीवाड़े की गुत्थी सुलझाने में खुद ही उलझ गए। तीन महीने में अभी तक अधिकारी निलंबित छाता उप डाकपाल को चार्जशीट तक नहीं दे पाए। इसके अलावा एक महीने में जांच पूरी करनी थी, लेकिन वह भी पूरी नहीं हुई है।
छाता डाकघर में दिसंबर 2024 में फर्जी टिकट के जरिए डाक भेजने के मामले में यहां पर तैनात उप डाकपाल मदन लाल व क्लर्क मोहित को 1 जनवरी 2025 को निलंबित कर दिया था। डाक विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि छाता डाकघर में टिकट उपलब्ध नहीं होने के बावजूद यहां से प्रतिदिन 800 से 1500 डाक बुक होकर अलग-अलग जिलों में भेजी जा रही हैं।
विभाग के अधिकारियों को फर्जी टिकट चस्पा करके डाक भेजने में उप डाकपाल और क्लर्क की संलिप्तता मिलने पर दोनों को निलंबित कर उन्हें जांच पूरी होने तक मुख्यालय कार्यालय से अटैच कर दिया है। अभी तक चार्जशीट और जांच रिपोर्ट न दिए जाने की चर्चा विभाग के कर्मचारियों में है।
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सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से युवक का पता नहीं लगा पाए अधिकारी
छाता डाकघर में डाक बुक कराकर डाक भेजने वाले युवक का पता विभाग के अधिकारी नहीं लगा सके हैं। अधिकारी सीसीटीवी फुटेज के जरिए युवक तक पहुंचने के प्रयास में दो महीने तक लगे रहे, लेकिन छाता उप डाकघर के आसपास कहीं भी सीसीटीवी कैमरा नहीं होने से अधिकारियों को युवक खोजना मुश्किल हो गया है।
वर्जन
छाता उप डाकघर मामले की जांच चल रही है। निलंबित उप डाकपाल व क्लर्क को चार्जशीट क्यों नहीं दी गई इसका पता किया जाएगा। मामले में नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- विजेंद्र, प्रवर डाक अधीक्षक मथुरा
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छाता डाकघर में दिसंबर 2024 में फर्जी टिकट के जरिए डाक भेजने के मामले में यहां पर तैनात उप डाकपाल मदन लाल व क्लर्क मोहित को 1 जनवरी 2025 को निलंबित कर दिया था। डाक विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि छाता डाकघर में टिकट उपलब्ध नहीं होने के बावजूद यहां से प्रतिदिन 800 से 1500 डाक बुक होकर अलग-अलग जिलों में भेजी जा रही हैं।
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विभाग के अधिकारियों को फर्जी टिकट चस्पा करके डाक भेजने में उप डाकपाल और क्लर्क की संलिप्तता मिलने पर दोनों को निलंबित कर उन्हें जांच पूरी होने तक मुख्यालय कार्यालय से अटैच कर दिया है। अभी तक चार्जशीट और जांच रिपोर्ट न दिए जाने की चर्चा विभाग के कर्मचारियों में है।
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सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से युवक का पता नहीं लगा पाए अधिकारी
छाता डाकघर में डाक बुक कराकर डाक भेजने वाले युवक का पता विभाग के अधिकारी नहीं लगा सके हैं। अधिकारी सीसीटीवी फुटेज के जरिए युवक तक पहुंचने के प्रयास में दो महीने तक लगे रहे, लेकिन छाता उप डाकघर के आसपास कहीं भी सीसीटीवी कैमरा नहीं होने से अधिकारियों को युवक खोजना मुश्किल हो गया है।
वर्जन
छाता उप डाकघर मामले की जांच चल रही है। निलंबित उप डाकपाल व क्लर्क को चार्जशीट क्यों नहीं दी गई इसका पता किया जाएगा। मामले में नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- विजेंद्र, प्रवर डाक अधीक्षक मथुरा