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इलेक्ट्रोेपैथी से इलाज करने वाले डाक्टर नहीं
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 04 Apr 2016 11:26 PM IST
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डाक्टर
- फोटो : file photo
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इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति के आधार पर पुराने रोग और कैंसर जैसी बीमारियों के उपचार का दावा करने वाले अब अपने नाम के साथ डाक्टर नहीं लिख सकेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस पद्धति से इलाज करने वालों को चिकित्सक नहीं माना है।
होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी, योगा, सिद्धा, नेचुरोपैथी की तर्ज पर ही इलेक्ट्रोपैथी पद्धति पर कुछ लोग पुराने दर्द से लेकर सांस व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाें का गारंटी के साथ इलाज करने का दावा करते हैं।
जिला होम्योपैथिक प्रभारी डा. नरेन्द्र सारस्वत ने बताया कि मथुरा में इलेक्ट्रोपैथी से इलाज करने वाले लोग कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के लिए आ रहे हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस चिकित्सा पद्धति को इलाज करने के प्रैक्टिस करने के योग्य नहीं माना है। मामले में कुछ लोगों ने कोर्ट की शरण ली थी। वहां भी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विरोध में ही पक्ष रखा है।
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अनिवार्य और वांछनीय मानक के आधार पर इलेक्ट्रोपैथी को चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। इसकी प्रैक्टिस करने वाले नाम के साथ डाक्टर शब्द प्रयोग नहीं कर सकते।’
डा. नरेन्द्र सारस्वत
जिला होम्योपैथिक अधिकारी मथुरा
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होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी, योगा, सिद्धा, नेचुरोपैथी की तर्ज पर ही इलेक्ट्रोपैथी पद्धति पर कुछ लोग पुराने दर्द से लेकर सांस व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाें का गारंटी के साथ इलाज करने का दावा करते हैं।
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जिला होम्योपैथिक प्रभारी डा. नरेन्द्र सारस्वत ने बताया कि मथुरा में इलेक्ट्रोपैथी से इलाज करने वाले लोग कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के लिए आ रहे हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस चिकित्सा पद्धति को इलाज करने के प्रैक्टिस करने के योग्य नहीं माना है। मामले में कुछ लोगों ने कोर्ट की शरण ली थी। वहां भी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विरोध में ही पक्ष रखा है।
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अनिवार्य और वांछनीय मानक के आधार पर इलेक्ट्रोपैथी को चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। इसकी प्रैक्टिस करने वाले नाम के साथ डाक्टर शब्द प्रयोग नहीं कर सकते।’
डा. नरेन्द्र सारस्वत
जिला होम्योपैथिक अधिकारी मथुरा