{"_id":"57c5cf564f1c1bc5162cb366","slug":"economic-crisis-at-bankebihari-temple-employee","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांकेबिहारी मंदिर के कर्मचारियों पर आर्थिक संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांकेबिहारी मंदिर के कर्मचारियों पर आर्थिक संकट
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
बांकेबिहारी मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट आ गया है, क्योंकि इन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद की ओर से ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं।
मंदिर में विभिन्न पदों पर 85 कर्मचारियों के साथ ही 22 सफाईकर्मी और निजी कंपनी के 20 सुरक्षाकर्मी मंदिर की सेवा में कार्यरत हैं। इनमें कई अधिकारी भी हैं। इन सभी कर्मचारियों को वेतन के रूप में हर माह लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। बताया गया है कि इन सभी को जून से वेतन नहीं मिला है।
मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि जून में नई कमेटी के गठन के बाद एक जुलाई को पदभार ग्रहण किया था। प्रबंध कमेटी के समक्ष बिलों के भुगतान के लिए मांगपत्र भेजा इसी बीच उच्च न्यायालय की ओर से प्रबंध कमेटी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर मथुरा मुंसिफ को व्यवस्थाएं संभालने के आदेश दे दिए गए। उन्होंने बताया कि मथुरा मुंसिफ के समक्ष मंदिर के विभिन्न मदों के खर्चों के बिलों के भुगतान के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। जल्द ही कर्मचारियों के वेतन पर निर्णय हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर में विभिन्न पदों पर 85 कर्मचारियों के साथ ही 22 सफाईकर्मी और निजी कंपनी के 20 सुरक्षाकर्मी मंदिर की सेवा में कार्यरत हैं। इनमें कई अधिकारी भी हैं। इन सभी कर्मचारियों को वेतन के रूप में हर माह लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। बताया गया है कि इन सभी को जून से वेतन नहीं मिला है।
विज्ञापन
मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि जून में नई कमेटी के गठन के बाद एक जुलाई को पदभार ग्रहण किया था। प्रबंध कमेटी के समक्ष बिलों के भुगतान के लिए मांगपत्र भेजा इसी बीच उच्च न्यायालय की ओर से प्रबंध कमेटी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर मथुरा मुंसिफ को व्यवस्थाएं संभालने के आदेश दे दिए गए। उन्होंने बताया कि मथुरा मुंसिफ के समक्ष मंदिर के विभिन्न मदों के खर्चों के बिलों के भुगतान के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। जल्द ही कर्मचारियों के वेतन पर निर्णय हो जाएगा।
विज्ञापन