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Mathura News: यात्रियों के लिए बने थे ई-रिक्शा, ढोने लगे सामान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Apr 2025 12:37 AM IST
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E-rickshaws were made for passengers, but they started carrying goods
मथुरा। सामान लेकर जाते ई रिक्शा। - फोटो : mathura
मथुरा। शहर में लोगों को आरामदायक यात्रा मुहैया कराने के लिए आए ई-रिक्शा अब लोगों के लिए समस्या बनने लगे हैं। बेतरतीब तरीके से इनका संचालन होने से प्रतिदिन बाजार में जाम का कारण बन रहे है। ई-रिक्शा का काम यात्रियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन अब इनसे लोडर का काम लिया जा रहा है।
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शहर के होली गेट, डीग गेट, घीया मंडी, विकास बाजार, सौंख बाजार, जमुनापार, छावनी एरिया में प्रतिदिन जाम लगता है इसका मुख्य कारण हैं कि ई-रिक्शा में दुकानों का सामान लाया जा रहा है इसके चलते यह मन चाहे स्थान पर सामान लोड़ करने लगते है चाहे जहां उसको उतारने लगते है। शहर के लोगों का कहना है कि आदमी को आदमी ढोने से निजात, आरामदायक सस्ती यात्रा, शून्य प्रदूषण की मंशा से शुरू हुए ई-रिक्शा अब बड़ी समस्या बन गए है। उन्होंने बताया कि जहां 2000 ई-रिक्शा की जरूरत थी, वहां सड़कों पर बेहिसाब 12000 से अधिक दौड़ रहे हैं। इनके चालकों को न तो यातायात नियमों की जानकारी है और न ही खुद की सुरक्षा की परवाह है।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले भर में 15000 ई-रिक्शा का पंजीकरण है। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, इनके संचालन से लग रहे जाम की शिकायतें मिल रही थी इसपर अब रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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टेंट का सामान, शटरिंग की करते ढुलाई
होली गेट के पास दुकानदार आनंद कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा चालक रुपये कमाने के मकसद से हर रोज इनमें सवारियां ढोने के बजाय टेंट का सामान, दुकानों का माल, शटरिंग, सीमेंट आदि तमाम तरह का ओवरलोड सामान ढाेने के काम आ रहे है। इससे कई बार यह लोड ज्यादा होने के कारण पलट भी जाते है।


लोगों की बात

ई-रिक्शा से बाजार की सड़कों पर प्रतिदिन जाम लगता है। इनके रूट भी तय नहीं है इससे गर्मी में बाजार आने के बाद जाम में खड़े रहने से परेशान भी होना पड़ता है।
- अनिल गर्ग, निवासी सदर

शहर में लोगों के लिए ई-रिक्शा आराम बनने के लिए आए थे। इनकी संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। ऐसे में सड़कों पर पैदल चलने में भी डर लगता है।
- बृजेश चतुर्वेदी, निवासी होली गेट
वर्जन
शहर के सभी मार्गों पर ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। एक सप्ताह में 800 से अधिक पर कार्रवाई हो चुकी है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
-राजेश राजपूत, एआरटीओ प्रथम
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