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Mathura: निधिवनराज में दर्शन करने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी द्रौपदी मुर्मू, इसलिए प्रसिद्ध ये प्राचीन स्थल
Wed, 24 Sep 2025 08:53 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 24 Sep 2025 08:53 PM IST
सार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार को मथुरा-वृंदावन पहुंचेंगी। अपने दाैरे के दाैरान वह निधिवनराज की सिद्धभूमि पर भी पहुंचेंगी। पहली बार होगा जब कोई राष्ट्रपति निधिवनराज में दर्शन के लिए जाएगा।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : @rashtrapatibhvn
विस्तार
निधिवनराज मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार को दर्शन करेंगी। वह स्वतंत्र भारत की पहली राष्ट्रपति होंगी जो निधिवनराज की इस सिद्धभूमि पर पहुंचेंगी। इससे पूर्व भले ही तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, प्रणव मुखर्जी और रामनाथ कोविंद श्रीबांकेबिहारी मंदिर पहुंच चुके हैं, लेकिन किसी ने भी निधिवन के दर्शन नहीं किए। वहीं, तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह वृंदावन तो आए, लेकिन बांकेबिहारी और निधिवन नहीं जा पाए। उन्होंने रंगजी मंदिर में दर्शन किए थे।
राष्ट्रपति मुर्मू देश की चौथी राष्ट्रपति होंगी जो श्रीबांकेबिहारी मंदिर पहुंचेंगी और साथ ही निधिवनराज के दर्शन करने वाली प्रथम महामहिम बनकर एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी भी बनेंगी। इसको लेकर सेवायतों, गोस्वामी समाज और वृंदावनवासियों में उत्साह है।
इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी के अनुसार निधिवन वृंदावन का एक प्राचीनतम सिद्ध स्थल है जो लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह स्थल रसिक शेखर श्री स्वामी हरिदास जी महाराज की साधनास्थली रहा है, जिनके संगीत साधना से प्रसन्न होकर श्री बांकेबिहारीजी महाराज ने स्वयं प्रकट होकर दर्शन दिए थे।
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राष्ट्रपति मुर्मू देश की चौथी राष्ट्रपति होंगी जो श्रीबांकेबिहारी मंदिर पहुंचेंगी और साथ ही निधिवनराज के दर्शन करने वाली प्रथम महामहिम बनकर एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी भी बनेंगी। इसको लेकर सेवायतों, गोस्वामी समाज और वृंदावनवासियों में उत्साह है।
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इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी के अनुसार निधिवन वृंदावन का एक प्राचीनतम सिद्ध स्थल है जो लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह स्थल रसिक शेखर श्री स्वामी हरिदास जी महाराज की साधनास्थली रहा है, जिनके संगीत साधना से प्रसन्न होकर श्री बांकेबिहारीजी महाराज ने स्वयं प्रकट होकर दर्शन दिए थे।
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