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Mathura News: सिरप के बजाय घरेलु नुस्खों की सलाह दे रहे चिकित्सक
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मथुरा। प्रदेश सरकार की रोक के बाद जिला और महिला अस्पताल में 5 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी के सिरप नहीं मिल रहे हैं। डॉक्टर अभिभावकों को घरेलु नुस्खों से बच्चों का इलाज करने की सलाह दे रहे हैं।
मध्य प्रदेश में खांसी के सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद से उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने 4 अक्तूबर से सभी सरकारी अस्पतालों में सिरप देने पर पाबंदी लगा दी। इधर मौसम में बदलाव के साथ ही जिला और महिला अस्पताल में खांसी से ग्रसित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। अभिभावक के कहने के बाद भी चिकित्सक उन्हें सरकारी आदेश का हवाला देकर सिरप नहीं लिख रहे हैं।
महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सिरप में इस तरह के केमिकल होते हैं जो बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं। बिना परामर्श के बच्चों को इसे पिलाने पर बच्चों में नींद अधिक आना, चक्कर आना, मतली, उल्टी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। ओवरडोज पर जान पर भी बन सकती है। अभिभावक शहद और तुलसी का रस, अजवाइन की भाप, गुनगुना सूप/पानी और छाती पर नारियल के तेल की मालिश कर बच्चों को खांसी में आराम दें।
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बिना पर्ची के बिक रहा मेडिकल स्टोर पर
जिला अस्पताल में बच्चों को खांसी के सिरप पर भले ही रोक हो पर अभिभावक मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सकीय सलाह के इसे खरीदकर बच्चों को पिला रहे हैं। हालांकि चिकित्सक इसे खतरनाक बता रहे हैं। सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि डॉक्टर की पर्ची के बिना सिरप की बिक्री न करें। यदि कोई मेडिकल स्टोर ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मध्य प्रदेश में खांसी के सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद से उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने 4 अक्तूबर से सभी सरकारी अस्पतालों में सिरप देने पर पाबंदी लगा दी। इधर मौसम में बदलाव के साथ ही जिला और महिला अस्पताल में खांसी से ग्रसित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। अभिभावक के कहने के बाद भी चिकित्सक उन्हें सरकारी आदेश का हवाला देकर सिरप नहीं लिख रहे हैं।
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महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सिरप में इस तरह के केमिकल होते हैं जो बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं। बिना परामर्श के बच्चों को इसे पिलाने पर बच्चों में नींद अधिक आना, चक्कर आना, मतली, उल्टी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। ओवरडोज पर जान पर भी बन सकती है। अभिभावक शहद और तुलसी का रस, अजवाइन की भाप, गुनगुना सूप/पानी और छाती पर नारियल के तेल की मालिश कर बच्चों को खांसी में आराम दें।
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बिना पर्ची के बिक रहा मेडिकल स्टोर पर
जिला अस्पताल में बच्चों को खांसी के सिरप पर भले ही रोक हो पर अभिभावक मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सकीय सलाह के इसे खरीदकर बच्चों को पिला रहे हैं। हालांकि चिकित्सक इसे खतरनाक बता रहे हैं। सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि डॉक्टर की पर्ची के बिना सिरप की बिक्री न करें। यदि कोई मेडिकल स्टोर ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।