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Mathura News: ठाकुर राधारमण मंदिर में भक्तों ने भगवान के साथ खेली होली
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वृंदावन। नगर के प्राचीन सप्तदेवालयों में से एक ठाकुर राधारमण मंदिर में आराध्य गर्भगृह से बाहर जगमोहन में होली खेलने के लिए निकले। मंदिर में जयकारों के बीच सेवायत गोस्वामियों ने ठाकुरजी का प्रसादी केसर, इत्र, गुलाब जल, टेसू का रंग और गुलाल श्रद्धालुओं पर बरसाया। प्रसादी गुलाल और रंग उनके ऊपर जैसे ही पड़ा वह खुशी से झूम उठे और जयकारे लगाने लगे।
होलाष्टक पर नियमित गर्भगृह से बाहर जगमोहन में भक्तों से होली खेलने के लिए विराज रहे ठाकुर राधारमण महाराज को सेवायत गोस्वामियों ने चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर सफेद रंग की पोशाक धारण कराई और भव्य शृंगार किया। सेवायत गोस्वामियों ने पहले ठाकुरजी को इत्र, गुलालजल, केसर रंग, टेसू का रंग, गुलाल सेवित किया। मंदिर की रसोई में बनीं जलेबी का भोग लगाया।
इसके बाद केसर रंग सोने की पिचकारी से भक्तों पर बरसाया। आराध्य का प्रसाद रूप में रंग, गुलाल, गुलाबजल पड़ने पर भक्त खुशी से झूम उठे और नृत्य करने लगे। भक्तजन जैसे ही आराध्य के जयकारे लगाते वैसे ही मंदिर सेवायत ठाकुरजी का प्रसादी रंग और गुलाल उन पर बरसाते। ब्रज की होली का न सिर्फ भारतीय बल्कि विदेशी भक्तों ने भी भरपूर आनंद लिया।
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मंदिर के सेवायत पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि 2 मार्च तक निरंतर ठाकुरजी जगमोहन में भक्तों के साथ होली खेलेंगे। तीन मार्च को दुल्हैंडी के दिन चांदी और सोने के हिंडोले में ग्रहण के बाद शाम 7 बजे से विराजमान होंगे। प्रतिदिन जलेबी का भोग आराध्य को सेवित होगा।
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होलाष्टक पर नियमित गर्भगृह से बाहर जगमोहन में भक्तों से होली खेलने के लिए विराज रहे ठाकुर राधारमण महाराज को सेवायत गोस्वामियों ने चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर सफेद रंग की पोशाक धारण कराई और भव्य शृंगार किया। सेवायत गोस्वामियों ने पहले ठाकुरजी को इत्र, गुलालजल, केसर रंग, टेसू का रंग, गुलाल सेवित किया। मंदिर की रसोई में बनीं जलेबी का भोग लगाया।
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इसके बाद केसर रंग सोने की पिचकारी से भक्तों पर बरसाया। आराध्य का प्रसाद रूप में रंग, गुलाल, गुलाबजल पड़ने पर भक्त खुशी से झूम उठे और नृत्य करने लगे। भक्तजन जैसे ही आराध्य के जयकारे लगाते वैसे ही मंदिर सेवायत ठाकुरजी का प्रसादी रंग और गुलाल उन पर बरसाते। ब्रज की होली का न सिर्फ भारतीय बल्कि विदेशी भक्तों ने भी भरपूर आनंद लिया।
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मंदिर के सेवायत पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि 2 मार्च तक निरंतर ठाकुरजी जगमोहन में भक्तों के साथ होली खेलेंगे। तीन मार्च को दुल्हैंडी के दिन चांदी और सोने के हिंडोले में ग्रहण के बाद शाम 7 बजे से विराजमान होंगे। प्रतिदिन जलेबी का भोग आराध्य को सेवित होगा।