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ठाकुरजी को गर्मी से बचाने के लिए लगाया गया चंदन
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मथुरा। मथुरा नगरी में शुक्रवार को अक्षय तृतीया का पर्व श्रद्घा के साथ मनाया गया। गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए ठाकुरजी को चंदन का लेप लगाया गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान में विराजमान श्रीकेशवदेव जी व श्रीकृष्ण के श्रीविग्रहों का परंपरागत रूप से चंदन शृंगार कर ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने का प्रबंध पूजाचार्यों द्वारा किया गया। खस के शीतल शर्बत व सत्तू का विशेष भोग भगवान केशवदेव को अर्पित किया गया। मंदिरों में जल हेतु सुराही व घड़ों में जल रखने की व्यवस्था की गई। फूल-बंगलों की सज्जा से वातावरण शीतल व सुरम्य हो गया।
वहीं पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर द्वारिकाधीश मंदिर में भी अक्षय तृतीया का पर्व मनाया गया। मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में तिथि, घड़ी, पल और नक्षत्र के हिसाब से ठाकुर जी की सेवा का क्रम चलता है। इसी के तहत आज ठाकुर जी को चंदन, सुराही व पंखा धराया गया। ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने हेतु गुलाब जल धराया गया।
प्राचीन मंदिर केशवदेव मंदिर में अक्षय तृतीया पर्व के अवसर पर भगवान का पंचामृत अभिषेक मंत्र उच्चारण के बीच सेवायत मुन्नी लाल गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, डॉ. अमित गोस्वामी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। भगवान श्री केशव की छवि में विराजमान 24 अवतारों को चंदन लेपन किया गया। सत्तू, खरबूजे, फालसेब, शर्बत का भोग लगाया गया। इसके बाद आरती उतारी गई। इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा कमेटी, अध्यक्ष पंडित सोहन लाल शर्मा एडवोकेट, बिहारी लाल गोस्वामी, श्यामाचरण गोस्वामी मौजूद थे।
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प्राचीन श्री दीर्घविष्णु मंदिर में विराजमान आदि श्री दीर्घविष्णु भगवान एवं पद्मालयी महालक्ष्मी जी का प्रात: काल मंगला आरती पश्चात सुगंधित शीतल जलों से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जलाभिषेक किया। श्री दीर्धविष्णु भगवान के विग्रह पर केसर कपूर युक्त शीतल सुगंधित चंदन का सर्वांग लेपन कर शृंगार धारण कराए गए। ठाकुर जी एवं पद्मालयी महालक्ष्मी जी को हल्के सूती जार के पीले रंग के सुंदर वस्त्र धारण कराए, मोतियों के हार व बाजूबंद के साथ सुगंधित चमेली के गुलाब युक्त पुष्पहार से ठाकुर जी का शृंगार किया गया।
मंदिर सेवायत महंत कान्तानाथ चतुर्वेदी, प्रवक्ता व निगम पार्षद पं. रामदास चतुर्वेदी शास्त्री, महासचिव बालकृष्ण चतुर्वेदी, महाप्रबंधक लालकृष्ण चतुर्वेदी, संगठन मंत्री आचार्य मुरलीधर चतुर्वेदी थे। श्री गोपाल भारती मंदिर में आचार्य कन्हैयालाल शर्मा द्वारा ठाकुरजी को चंदन लगाया गया। वहीं प्राचीन गोवर्धननाथ में विराजमान राधा कृष्ण के स्वरूपों को चंदन लेपन किया गया। सेवायत लोकेंद्रदास कौशिक ने ठाकुरजी का प्रसाद वितरण किया।
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वहीं पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर द्वारिकाधीश मंदिर में भी अक्षय तृतीया का पर्व मनाया गया। मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में तिथि, घड़ी, पल और नक्षत्र के हिसाब से ठाकुर जी की सेवा का क्रम चलता है। इसी के तहत आज ठाकुर जी को चंदन, सुराही व पंखा धराया गया। ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने हेतु गुलाब जल धराया गया।
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प्राचीन मंदिर केशवदेव मंदिर में अक्षय तृतीया पर्व के अवसर पर भगवान का पंचामृत अभिषेक मंत्र उच्चारण के बीच सेवायत मुन्नी लाल गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, डॉ. अमित गोस्वामी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। भगवान श्री केशव की छवि में विराजमान 24 अवतारों को चंदन लेपन किया गया। सत्तू, खरबूजे, फालसेब, शर्बत का भोग लगाया गया। इसके बाद आरती उतारी गई। इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा कमेटी, अध्यक्ष पंडित सोहन लाल शर्मा एडवोकेट, बिहारी लाल गोस्वामी, श्यामाचरण गोस्वामी मौजूद थे।
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प्राचीन श्री दीर्घविष्णु मंदिर में विराजमान आदि श्री दीर्घविष्णु भगवान एवं पद्मालयी महालक्ष्मी जी का प्रात: काल मंगला आरती पश्चात सुगंधित शीतल जलों से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जलाभिषेक किया। श्री दीर्धविष्णु भगवान के विग्रह पर केसर कपूर युक्त शीतल सुगंधित चंदन का सर्वांग लेपन कर शृंगार धारण कराए गए। ठाकुर जी एवं पद्मालयी महालक्ष्मी जी को हल्के सूती जार के पीले रंग के सुंदर वस्त्र धारण कराए, मोतियों के हार व बाजूबंद के साथ सुगंधित चमेली के गुलाब युक्त पुष्पहार से ठाकुर जी का शृंगार किया गया।
मंदिर सेवायत महंत कान्तानाथ चतुर्वेदी, प्रवक्ता व निगम पार्षद पं. रामदास चतुर्वेदी शास्त्री, महासचिव बालकृष्ण चतुर्वेदी, महाप्रबंधक लालकृष्ण चतुर्वेदी, संगठन मंत्री आचार्य मुरलीधर चतुर्वेदी थे। श्री गोपाल भारती मंदिर में आचार्य कन्हैयालाल शर्मा द्वारा ठाकुरजी को चंदन लगाया गया। वहीं प्राचीन गोवर्धननाथ में विराजमान राधा कृष्ण के स्वरूपों को चंदन लेपन किया गया। सेवायत लोकेंद्रदास कौशिक ने ठाकुरजी का प्रसाद वितरण किया।