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‘संतों के बताए मार्ग पर चले विश्व’
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 29 Dec 2015 11:57 PM IST
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सेवाकुंज स्थित श्रीकृष्ण बलराम इस्कॉन मंदिर में श्रीमद्भक्तिसिद्धांत सरस्वती महाराज का 78वां तिरोभाव महोत्सव मनाया गया। इस दौरान धार्मिक कार्यक्रम और संत-विद्वत संगोष्ठी हुई।
संगोष्ठी में महंत भक्तिवेदांत मधुसूदन महाराज ने कहा कि संत आदिकाल से राष्ट्र और समाज का मार्गदर्शन करते आए हैं। आज पूरे विश्व को संतों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
पुरुषोत्तम शरण शास्त्री ने कहा कि भक्तिसिद्धांत प्रभुपाद महाराज ने मायावाद, समाजवाद आदि सिद्धांतों का पुरजोर खंडनकर संपूर्ण विश्व में भगवत भक्ति का प्रचार-प्रसार किया। श्रीपाद ओमप्रकाश ब्रजवासी ने प्रभुपाद महाराज को संतों का गौरव बताया।
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इससे पहले देशी-विदेशी श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य प्रभुपाद महाराज की प्रतिमा का पूजन किया। हरिनाम संकीर्तन आदि धार्मिक अनुष्ठान हुए। इस अवसर पर बिहारीलाल वशिष्ठ, अरुण महाराज, भिक्षु महाराज ,नार सिंह महाराज आदि ने भी प्रभुपाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
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संगोष्ठी में महंत भक्तिवेदांत मधुसूदन महाराज ने कहा कि संत आदिकाल से राष्ट्र और समाज का मार्गदर्शन करते आए हैं। आज पूरे विश्व को संतों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
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पुरुषोत्तम शरण शास्त्री ने कहा कि भक्तिसिद्धांत प्रभुपाद महाराज ने मायावाद, समाजवाद आदि सिद्धांतों का पुरजोर खंडनकर संपूर्ण विश्व में भगवत भक्ति का प्रचार-प्रसार किया। श्रीपाद ओमप्रकाश ब्रजवासी ने प्रभुपाद महाराज को संतों का गौरव बताया।
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इससे पहले देशी-विदेशी श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य प्रभुपाद महाराज की प्रतिमा का पूजन किया। हरिनाम संकीर्तन आदि धार्मिक अनुष्ठान हुए। इस अवसर पर बिहारीलाल वशिष्ठ, अरुण महाराज, भिक्षु महाराज ,नार सिंह महाराज आदि ने भी प्रभुपाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।