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विजिलेंस टीम ने कब्जे में लिया पेट्रोल-डीजल सप्लाई का रिकार्ड
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:52 PM IST
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100 करोड़ की तेल चोरी की जांच में जुटी आठ सदस्यीय विजिलेंस टीम ने डीजल और पेट्रोल की सप्लाई का पूरा रिकार्ड जुटाना शुरू कर दिया है। आपरेटिंग शाखा के अधिकारियों से भी टीम ने पूछताछ की और पूरा ब्योरा लिया है। विजिलेंस की जांच से रिफाइनरी स्टाफ में हड़कंप मचा है। उधर, पाइप लाइन की निगरानी को पेट्रोलिंग करने वाली कंपनी भी जांच के घेरे में आ गई है। रिफाइनरी की ओर ऐसे संदिग्ध प्लाटों की सूची भी विजिलेंस टीम को सौंपी गई है, जिनके बारे में संदेह है कि उन्हें तेल माफिया ने तेल चोरी करने के लिए खरीदा था।
रिफाइनरी से जालंधर को जाने वाली पाइप लाइन में सेंधमारी करके तेल की चोरी की गई थी। माना जा रहा है कि 18 महीने के भीतर 100 करोड़ से भी ज्यादा की कीमत का तेल चोरी कर लिया गया है। तेल चोरी होता रहा लेकिन रिफाइनरी वालों को खबर नहीं हुई। प्रेशर कम होने के बाद भी अलार्म की आवाज नहीं सुनी गई। प्रकरण में पुलिस चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अब रिफाइनरी की विजिलेंस टीम ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
आठ सदस्यों की टीम पिछले डेढ़ साल के दौरान सप्लाई किए गए तेल का पूरा रिकार्ड चेक कर रही है। पाइप लाइन में कितना तेल कब-कब छोड़ा गया और कितना तेल पहुंचा इसकी पूरी डिटेल ली जा रही है। विजिलेंस की इस जांच से रिफाइनरी की मशीनरी में हड़कंप मचा हुआ है।
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बताया जा रहा है कि पूरी पाइप लाइन की पेट्रोलिंग की व्यवस्था है और दिल्ली की एक कंपनी को इसका जिम्मा दिया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि यदि पेट्रोलिंग हो रही थी तो डेढ़ साल के भीतर जिस स्थान से तेल चोरी हो रहा था, उसकी जानकारी पेट्रोलिंग टीम को क्यों नहीं मिली। ऐसे में पेट्रोलिंग कंपनी और उसके कर्मचारी भी जांच के दायरे में है।
पूछताछ में हाथ लगे अहम सुराग
सौ करोड़ से अधिक की तेल चोरी में आरोपियों से पूछताछ में हाइवे पुलिस को फरार आरोपियों से संबंधित सुराग हाथ तो लगे हैं। तेल चोरी में निरुद्ध आगरा के खंदारी रोड के तरविंदर जीत सिंह उर्फ मिन्नी, भंकरपुर बसेला के ग्राम प्रधान रामहरि, रवि चौधरी और सुरीर के गांव परसौतीगढ़ी के कुलदीप पाठक से रविवार को थाना हाइवे में पूछताछ की गई।
एएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने चारों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं। फरार आरोपियों से संबंधित सुराग भी सामने आए हैं। आरोपियों से रिफाइनरी कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल किए गए।
फरीदाबाद भी लेकर जाएगी पुलिस
रिमांड पर लाए गए चारों आरोपियों को सोमवार को पुलिस फरीदाबाद ले जा सकती है। बताया गया था कि मथुरा-जालंधर पाइप लाइन तक सुरंग बनाने और वाल्व लगाने का कार्य फरीदाबाद निवासी लोगों ने किया था। लेकिन इन सभी के बताए गए नाम-पते फर्जी मिले थे।
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रिफाइनरी से जालंधर को जाने वाली पाइप लाइन में सेंधमारी करके तेल की चोरी की गई थी। माना जा रहा है कि 18 महीने के भीतर 100 करोड़ से भी ज्यादा की कीमत का तेल चोरी कर लिया गया है। तेल चोरी होता रहा लेकिन रिफाइनरी वालों को खबर नहीं हुई। प्रेशर कम होने के बाद भी अलार्म की आवाज नहीं सुनी गई। प्रकरण में पुलिस चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अब रिफाइनरी की विजिलेंस टीम ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
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आठ सदस्यों की टीम पिछले डेढ़ साल के दौरान सप्लाई किए गए तेल का पूरा रिकार्ड चेक कर रही है। पाइप लाइन में कितना तेल कब-कब छोड़ा गया और कितना तेल पहुंचा इसकी पूरी डिटेल ली जा रही है। विजिलेंस की इस जांच से रिफाइनरी की मशीनरी में हड़कंप मचा हुआ है।
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बताया जा रहा है कि पूरी पाइप लाइन की पेट्रोलिंग की व्यवस्था है और दिल्ली की एक कंपनी को इसका जिम्मा दिया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि यदि पेट्रोलिंग हो रही थी तो डेढ़ साल के भीतर जिस स्थान से तेल चोरी हो रहा था, उसकी जानकारी पेट्रोलिंग टीम को क्यों नहीं मिली। ऐसे में पेट्रोलिंग कंपनी और उसके कर्मचारी भी जांच के दायरे में है।
पूछताछ में हाथ लगे अहम सुराग
सौ करोड़ से अधिक की तेल चोरी में आरोपियों से पूछताछ में हाइवे पुलिस को फरार आरोपियों से संबंधित सुराग हाथ तो लगे हैं। तेल चोरी में निरुद्ध आगरा के खंदारी रोड के तरविंदर जीत सिंह उर्फ मिन्नी, भंकरपुर बसेला के ग्राम प्रधान रामहरि, रवि चौधरी और सुरीर के गांव परसौतीगढ़ी के कुलदीप पाठक से रविवार को थाना हाइवे में पूछताछ की गई।
एएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने चारों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं। फरार आरोपियों से संबंधित सुराग भी सामने आए हैं। आरोपियों से रिफाइनरी कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल किए गए।
फरीदाबाद भी लेकर जाएगी पुलिस
रिमांड पर लाए गए चारों आरोपियों को सोमवार को पुलिस फरीदाबाद ले जा सकती है। बताया गया था कि मथुरा-जालंधर पाइप लाइन तक सुरंग बनाने और वाल्व लगाने का कार्य फरीदाबाद निवासी लोगों ने किया था। लेकिन इन सभी के बताए गए नाम-पते फर्जी मिले थे।